लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का एक तो मौसम का मिजाज काबू में नहीं है दूसरा इसी वजह से बुखार पीडि़तों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। कई दिनों से कभी तेज धूप, तो कभी बारिश और कभी भीषण उमस के कारण लोग हलकान हैं।
हर दिन बदलते मौसम के साथ बीच-बीच में हो रही तेज बरसात के कारण अलग-अलग तरह की बीमारियां फैलने का रिस्क बढ़ हुआ है। लखनऊ समेत यूपी के के कई शहरों में वायरल फीवर की चपेट में यकायक बहुत ज्यादा लोग जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं पीडि़त हो रहे हैं, ऐसे हालातों का संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग सहित दूसरे विभागीय अधिकारियों को अहम निर्देश किए हैं। इतना ही नहीं सीएम ने वैक्सीनेशन को की भी गति पहले से तेज करने को कहा है।
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हालात यह है कि राजधानी के सभी बड़े सरकारी अस्पतालों जैसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल, बलरामपुर अस्पताल, और लोहिया अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी संख्या में नजर आ रही है। अस्पताल के बाहर भी वाहनों का जाम लगा नजर आ रहा है।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी खास टीम-9 के साथ एक मीटिंग के दौरान सूबे में वायरल फीवर को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। आला अफसरों से कहा कि स्टेट में बदलते सीजन को देखते हुए बीमारियों का प्रकोप भी बढऩे की उम्मीद है। तमाम जनपदों में लोग फीवर से गृसित हो रहे हैं। सीएम योगी ने हेल्थ मिनिस्ट्री को निर्देश दिया है कि हर घर पहुंचकर कोविड लक्षण या फीवर से ग्रसित मरीजों की पहचान की जाए।
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योगी ने निर्देश दिये हैं कि, सूबे में वैक्सीनेशन अभियान के बावजूद इसके काफी लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज भी अभी तक प्राप्त नहीं की है। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। सीमएउ के एक खास अधिकारी के मुताबिक, बढ़ते फीवर के मामलों को देखते हुए जलभराव व जलजनित रोग डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियों से बचाव के लिए निरन्तर अभियान चल रहा है और लोगों से जागरूक रहने की अपील भी की जा रही है। ऐसे में साफ.ाई रखने, उपचार व दवाइयों का निरीक्षण सक्रियता से हो।

