हरिद्वार। प्रेमी के साथ मिलकर पिता की हत्या करने वाली पुत्री को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसी के साथ ही अदालत ने 20 हजार का अर्थदंग भी लगाया है। अदालत ने हत्यारे प्रेमी को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उस पर 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल चौहान के अनुसार 2018 की आठ मार्च को ग्राम जियापोता के रहने वाले पवन ने थाना पथरी पर तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बड़े भाई प्रमोद कुमार को 26 फरवरी 2018 को नौकर रामकिशोर निवासी ग्राम फतवा लक्सर ने जान से मार दिया था। उसी रात को 12:30 बजे हत्यारा रामकिशोर घर आया और दो अज्ञात व्यक्तियों के झोपड़ी में होने के बात बताई। वह अपने परिजनों के साथ खेत पहुंचे तो उनका भाई प्रमोद मृत पड़ा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोटों के कारण मौत बताई गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की तो पता चला कि मृतक प्रमोद की पुत्री वंदना के आरोपी रामकिशोर से अवैध संबंध थे। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन पिता प्रमोद को यह रिश्ता मंजूर नहीं था वो उसकी शादी कहीं और करना चाहते थे। इसी से नाराज वंदना व रामकिशोर ने मौका पाकर प्रमोद की हत्या कर दी थी। पुलिस ने वंदना व रामकिशोर से मोबाइल फोन बरामद किए थे।
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मामले से संबंधित मुकदमे में 14 गवाह पेश किए गए। जबकि बचाव पक्ष की ओर से दो गवाहों के बयान हुए। दोनों पक्षों को सुनने तथा साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने वंदना व रामकिशोर को प्रमोद की हत्या का दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

