चीन समेत कई देशों में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार अलर्ट मोड़ पर आ गया है। वहीं जानकारों के कहना है कि जनवरी के महीने में कोरोना के मामलो में काफी तेजी देखी जा सकती है। वहीं ओमिक्रोन का सब वेरिएंट BF।7 भी देशभर में तेजी से फैल सकता है। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री ने तमाम बड़ी फार्मा कंपनियों के साथ बैठक की है। जिसमें ये सुनिश्चित किया गया कि आने वाले वक्त में दवाओं को लेकर किसी भी तरह की कोई लापरवाही न हो।
दवाओं के स्टॉक में न हो कोई कमी:
जानकारी के मुताबिक़ स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बैठक में फार्मा कंपनियों को कई तरह की सलाह दी। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में फार्मा कंपनियों से कहा कि कंपनियां दुनियाभर में कोरोना के हालात पर लगातार नजर बनाए रखें। साथ ही जरूरी दवाओं और बाकी चीजों का स्टॉक तैयार रखे। किसी भी हाल में ये सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना केस बढ़ते मामलों के बीच दवाओं की कमी न हो और इनका पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद रहे।
बता दें कि इससे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री कई मीटिंग कर चुके हैं। जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के तमाम बड़े अधिकारी और कोविड एक्सपर्ट कमेटी के लोग भी शामिल थे। इन बैठकों के बाद कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है। जिसमें प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य करने और एयरपोर्ट पर टेस्टिंग जैसे नियम शामिल हैं।
भारत में अब तक कोरोना के मरीज:
पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के 268 नए मामले सामने आए हैं। वहीं देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,77,915 पर पहुंच गई है और एक्टिव मामलों की संख्या 3,552 हो गई है।

