Swachh Survekshan 2022: स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के लिए सिटीजन फीडबैक शुरू, नागरिक के फीड बैक पर 600 नंबरों का भविष्य तय होगा

उत्तर प्रदेशSwachh Survekshan 2022: स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के लिए सिटीजन फीडबैक शुरू, नागरिक...

Date:


Swachh Survekshan 2022: स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के लिए सिटीजन फीडबैक शुरू, नागरिक के फीड बैक पर 600 नंबरों का भविष्य तय होगा

लखनऊ। Swachh Survekshan 2022: स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के लिए सिटीजन फीडबैक अभियान शुरू हो गया है। 15 अप्रैल तक यह अभियान चलेगा। आम शहरी के फीडबैक के आधार पर 600 नंबर का भविष्य तय होगा। सिटीजन फीडबैक में 600 नंबर मिलने हैं। ऐसे में जिस शहर के नागरिक स्वच्छता को लेकर जितना अच्छा फीडबैक देंगे उस शहर को उतने ही अच्छे नंबर मिलेंगे। नगर निगम लखनऊ के संयुक्त निदेशक एके राव ने बताया कि यह अभियान पूरे प्रदेश में चलेगा। हम नगर निगम अपने अपने स्तर पर सिटीजन फीडबैक लेगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ में इसके लिए 40 चैंपियन की टीम गठित की गई। यह शहर के अलग-अलग बाढ़ में जाकर लोगों को इस बारे में जानकारी देंगे और फीडबैक भी लेंगे।

Read also- स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: एनडीएमसी को 1-3 लाख आबादी श्रेणी में स्वच्छता के लिहाज से मिली पहली रैंकिंग

स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ (Lucknow) को पिछली बार पूरे प्रदेश में पहला और देश में 12 स्थान मिला था। हालांकि साल 2020 की तुलना में शहर ने रैंकिंग में कुछ सुधार नहीं किया।

नगर विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 कुल 7500 अंकों का है। पिछले साल तक यह 6000 अंकों का होता था। इस बार 15 साल को की बढ़ोतरी की गई।

उत्तर प्रदेश में या सर्वेक्षण काफी मायने रखेगा। अगले एक साल के अंदर नगर निगम और नगर पालिकाओं के चुनाव होने हैं। ऐसे में बेहतर सर्वेक्षण सत्ताधारी दल या स्थानीय पार्षदों के फायदेमंद रहेगा। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के सभी महानगरों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मेयर हैं। ऐसे में अगर रैंकिंग में सुधार नहीं होती है तो आने वाले चुनाव में विपक्ष हमलावर हो सकता है।

Read also- स्वच्छता सर्वेक्षण में बिहार के कई शहर अंडर-10 में, भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद – उपमुख्यमंत्री

अधिकारियों ने बताया कि कोई भी नागरिक 1969 पर मिस कॉल कर अपना फीडबैक दे सकता है। मिस कॉल करने के बाद उसके नंबर पर कॉल आएगी। उसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े सात सवाल पूछे जाएंगे। 7 सवालों के जवाब के आधार पर 600 नंबरों का भविष्य तय होगा। इसके अलावा स्वच्छता एप का भी इस्तेमाल कर फीडबैक दिया जा सकता है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला, बोलीं- मैं तब तक लड़ती रहूंगी, जब तक आपका अंत नहीं देख लूं

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC)...

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता क्या है? कौन आवेदन कर सकता है?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ लेने से पहले...

PoK में बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच और राजनीतिक बातचीत की अपील

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान...