कोरोना वायरस का नया वैरिएंट JN.1 क्या भारत में फिर फैला सकता है महामारी

कोविड-19कोरोना वायरस का नया वैरिएंट JN.1 क्या भारत में फिर फैला सकता...

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दुनिया में तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस SARS-CoV-2 वायरस में एक बार फिर से म्यूटेशन हो रहा है। इस वायरस का नया वैरिएंट JN.1 इस समय चर्चा में है. भारत में भी इस नए वैरिएंट का एक मामला सामने आया है, इसे ओमीक्रॉन वैरिएंट का सबवेरिएंट बताया जा रहा है। बता दें कि JN.1 से संक्रमण का पहला मामला सितंबर में अमेरिका में सामने आया था. अमेरिका में कुल कोरोना मामलों में से 21.4 फीसदी मामले इसी वेरिएंट के संक्रमण के कारण थे.

JN.1 कोरोना के BA.2.86 ओमीक्रॉन वेरिएंट का एक सबवेरिएंट है। इसके स्पाइक प्रोटीन पर 20 से अधिक mutation पाए गए हैं। इन mutations के कारण चिंता बढ़ गई थी। JN.1 के स्पाइक प्रोटीन में BA.2.86 से अधिक mutation की सूचना दी जा रही है। नेशनल मेडिकल एसोसिएशन कोविड टास्क फोर्स के अनुसार, केरल में बढ़ते कोविड मामलों के लिए वर्तमान में JN.1 जिम्मेदार है। इस वेरिएंट में इम्यूनिटी को चकमा देने में और तेजी से फैल फैलने की क्षमता है.

अभी तक ऐसा कोई भी डेटा नहीं मिला है जो कोरोना के पिछले वेरिएंट और जेएन.1 से संक्रमण के बाद लक्षणों में कोई बड़ा अंतर बताता हो। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार इससे बुखार, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, शरीर में दर्द, स्वाद या गंध की हानि जैसे लक्षण हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि यह वैरिएंट अधिक संक्रामक हो सकता है हालाँकि गंभीर बीमारी की आशंका कम है। अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह हेल्थ के लिए अन्य वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है सीडीसी के मुताबिक वैक्सीन वायरस के स्पाइक प्रोटीन को टारगेट करती है, इसका मतलब यह है कि कोरोना का टीका JN.1 के खिलाफ भी प्रभावी साबित होना चाहिए।

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