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क्या एग्जिट पोल्स के अनुमानों से भी अच्छे नतीजे आ सकते हैं? क्या कहते हैं पिछले दो सर्वे

पॉलिटिक्सक्या एग्जिट पोल्स के अनुमानों से भी अच्छे नतीजे आ सकते हैं?...

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लोकसभा चुनाव का सातवां और अंतिम चरण 1 जून को संपन्न हुआ, जिसके साथ ही देश में कई सप्ताह से चल रहे मतदान सत्र का अंत हो गया। अंतिम चरण में मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद, सभी का ध्यान कई मीडिया आउटलेट्स द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल पर चला गया, जिनमें से कई ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन की बड़ी जीत की भविष्यवाणी की।

निजी एजेंसियों और मीडिया संगठनों द्वारा मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की प्रतिक्रियाओं के आधार पर चुनाव के नतीजों का पूर्वानुमान लगाने के लिए एग्जिट पोल किए जाते हैं। चुनाव आयोग द्वारा लागू आदर्श आचार संहिता हटने के बाद चुनाव के सभी चरणों में मतदान समाप्त होने के बाद इन्हें जारी किया जाता है। ये पूर्वानुमान आधिकारिक परिणाम घोषित होने से पहले चुनाव के रुझानों और संभावित परिणामों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।

एग्जिट पोल की सटीकता कई कारकों जैसे कार्यप्रणाली, सैंपल साइज और यहां तक ​​कि प्रश्नों के वाक्यांशों पर निर्भर करती है। इसका मतलब है कि वे हिट-एंड-मिस मामले हो सकते हैं। अब सवाल ये है कि ये एग्जिट पोल कितने सटीक हो सकते हैं, अगर हम पिछले दो लोकसभा चुनावों के एग्जिट पोल्स पर नज़र डालें तो पाएंगे कि जो भी नतीजे आये वो एग्जिट पोल्स के नतीजों से बेहतर आये.

2019 में, 19 मई को अंतिम चरण के समापन के बाद कई एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी किए थे। आठ प्रमुख एग्जिट पोल (एक्सिस माई इंडिया, इप्सोस, टुडेज चाणक्य, वीएमआर, सीएनएक्स, पोलस्ट्रैट, सीवोटर और सीएसडीएस) के सर्वेक्षण में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 312 सीटें और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए को 114 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन एनडीए ने लोकसभा में 353 सीटें जीतीं, जबकि यूपीए को केवल 91 सीटें मिलीं। इसमें से भाजपा ने 303 सीटें जीतीं और कांग्रेस को 52 सीटें मिलीं। यानि कि NDA को अनुमानों से काफी बेहतर सीटें मिलीं.

इन एग्जिट पोल में से, इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया और टुडेज चाणक्य सबसे सटीक थे क्योंकि उन्होंने एनडीए के लिए 350 से अधिक और यूपीए के लिए केवल 93-95 सीटों की भविष्यवाणी की थी। दूसरी तरफ, एबीपी-सीएसडीएस ने एनडीए को सिर्फ 277 और यूपीए को 130 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। इसने कहा कि भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगी और उसे सहयोगियों की मदद की जरूरत होगी। हालांकि, ये अनुमान गलत साबित हुए।

इसी तरह 2014 में भी ज्यादातर एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सत्ता में आएगी, कई पोलस्टर्स ने भविष्यवाणी की थी कि एनडीए को 300 से कम सीटें मिलेंगी, लेकिन हकीकत इससे अलग निकली और उसे कुल 336 सीटें मिलीं। इसी तरह, यूपीए के लिए भविष्यवाणी करीब 100 सीटों की थी, लेकिन यह घटकर सिर्फ 60 रह गई। तब भी चाणक्य ने एनडीए के लिए 340 सीटों के साथ सबसे सटीक भविष्यवाणी की।

तो क्या मानकर चला जाय कि दस एग्जिट पोल्स ने NDA को जो प्रचंड बहुमत दिया है, दरअसल नतीजे उससे भी बेहतर आएंगे। क्या इस बार भी चाणक्य का पोल सही साबित होगा और NDA 400 पार आसानी से पहुंच जाएगा क्योंकि इस बार भी हमेशा की तरह चाणक्य ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को सबसे ज़्यादा 416 सीटें दी हैं.

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