मेरठ में प्रथम चरण के मतदान के बाद अब विधानसभा सीटों की मतगणना की तैयारियां अब शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा प्रतिदिन बैठक कर तैयारियों की समीक्षा भी की जा रही है। मेरठ में सात विधानसभा सीटों के लिए 10 फरवरी को मतदान हुआ था।
मेरठ। जिले में मतगणना की तैयारियेां का काम बहुत तेजी से चल रहा है। इस बार मतगणना एक स्थान पर न होकर दो जगहों पर होगी। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर भी विशेष दिशा—निर्देश दिए हैं। पहली बार मेरठ में दो स्थानों पर ईवीएम के लिए स्ट्रांग रुम बनाए गए हैं। जहां पर ईवीएम कड़ी सुरक्षा में रखी गई हैं। इनमें एक स्ट्रांग रूम लोहिया नगर सब्जी मंडी में बनाया गया है तो दूसरा सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में बनाया गया है। सभी सातों विधानसभा सीटों की मतगणना के लिए कुल 98 टेबिल की व्यवस्था की गई है। इन 98 मतगणना टेबिल पर चार सौ कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिला प्रशासन के अधिकारी मतगणना की तैयारियों को पुख्ता करने में जुटे हैं।
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विधानसभा चुनाव के लिए 10 मार्च को मतगणना होगी। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में सरधना, सिवालखास व हस्तिनापुर विस क्षेत्रों के मतों की गिनती होगी। जबकि हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर सब्जी मंडी में मेरठ दक्षिण, मेरठ शहर, मेरठ कैंट और किठौर विधानसभा क्षेत्र की मतों की गिनती की जाएगी। दोनों स्थानों पर मतगणना को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। हर विधानसभा क्षेत्र के मतों की गिनती के लिए कुल 14 टेबिल लगाई जाएंगी। एक टेबिल पर चार कर्मियों की ड्यूटी लगेगी। यानी सातों विधानसभा के लिए कुल 98 टेबिल पर चार सौ कर्मचारी मतों की गिनती का कार्य करेंगे। इसके अलावा रिजर्व व परिणाम के आंकड़े एकत्रित करने के लिए अलग से कर्मचारी तैनात रहेंगे। कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर मतगणना की बारीकियां बताई जाएंगी। मतगणना में लगाए जाने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। सबसे पहले पूरी होगी मेरठ शहर की मतगणना। मतगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन 400 कर्मचारियों की डयूटी मतगणना कार्य के लिए लगाई जाएगी। उनकी लिस्ट बनकर तैयार हो चुकी है।

