RBI MPC meeting 2023 Date Fund Invest: इस बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में फंड मैनेजर्स का मानना है कि डेट फंड में इंवेस्ट करने पर बंपर रिटर्न मिल सकता है। आरबीआई की मौद्रिक नीति का फैसला आ चुका है। इस बार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गवर्नर शशिकांत दास ने उधार दरों को लगातार दूसरी बार अपरिवर्तित रखने फैसला किया है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी रुकने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में एफडी पर ब्याज कम होने के संकेत हैं। ऐसे मेें डेट म्युचुअल फंड मैनेजर लंबी अवधि के बॉन्ड फंड में निवेश करने पर जोर दे रहे हैं। रेट कट साइकल में लॉन्ग ड्यूरेशन फंड अधिक रिटर्न दे सकते हैं।
पिछले साल मई 2022 से अब तक दरों में 250 बीपीएस की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस साल अप्रैल 2023 से दरों को स्थिर रखा है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एलान किया था कि इस बार रेपो दर को 6.5 स्थिर रखने का फैसला किया है।
लॉन्ग टर्म में निवेश पर फायदा
अच्छा मुनाफा कमाने के लिए निवेशकों को लंबे समय के बॉन्ड अवधि का चयन करना चाहिए। लंबी अवधि के फंड निवेशकों के लिए पसंदीदा निवेश विकल्प हैं। हालांकि लंबी अवधि के फंड के रेट में गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन इसके बावजूद इनमें निवेशकों का आकर्षण है। ऐसे में इसे छोड़ना नहीं चाहिए। फंड मैनेजर्स का कहना है कि घरेलू मैक्रो इंवॉयरमेंट में लगातार ग्रोथ देखने को मिल रही है। महंगाई दर में गिरावट आई है। हालांकि मॉनसून और अल-नीनो जैसे भू- राजनीति से सतर्क रहने की जरूरत है।
निवेशकों के लिए सावधानियां जरूरी
निवेशकों को ऐसे फंड में सावधानी बरतने की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर वित्तीय अनिश्चतता की स्थिति बनी है। कई फंड मैनेजर्स का अनुमान है कि मुद्रा बाजार दरें 10-15 बीपीएस तक बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में कहा जा सकता है कि फिक्स्ड इनकम को लेकर आउटलुक पॉजिटिव बना है। इन वजह से निवेशकों को लॉन्ग टर्म में इंवेस्ट करना अच्छा विकल्प है।

