Export promotion in India: भारत में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बैंक अब आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराएंगे। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने बैंकों से भारत के आउटबाउंड शिपमेंट को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई निर्यातकों को आसान शर्तों के साथ लोन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिए किस तरह से निर्यात लोन उपलब्धता बढ़ाई जाए। इसके लिए वाणिज्य विभाग ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन लिमिटेड और बैंकों की संयुक्त मीटिंग बुलाई। जिसमें 21 बैंक आधिकारियों ने हिस्सा लिया।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बैंकों से एमएसएमई निर्यातकों को किफायती लोन उपलब्ध करने को कहा है। उन्होंने कहा कि देश के आउटबाउंड शिपमेंट को बढ़ावा देने के लिए ये जरूरी है। एमएसएमई निर्यातकों को निर्यात लोन उपलब्धता बढ़ाने के तरीकों पर बैठक में चर्चा की गई। बैठक वाणिज्य विभाग की एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन लिमिटेड ;म्ब्ळब्द्ध के समन्वय के लिए बुलाई थी।
भारतीय बैंकों से एक ट्रिलियन डॉलर के माल निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के लिए एमएसएमई को लोन सुनिश्चित करने को कहा है।
21 बैंक आधिकारी बैठक में शामिल
बैठक में 21 बैंकों के शीर्ष अधिकारी बैठक में शामिल थे। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित दूसरे बैंकों के अधिकारी शामिल थे। सीएमडी एम सेंथिलनाथन ने बैंकों के लिए निर्यात लोन और निर्यात लोन बीमा (ECIB) पर एक डाक्यूमेंट्री प्रस्तुत की।
बढ़े हुए कवर की योजना के तहत म्ब्ळब् के अनुभव के आधार पर एमएसएमई निर्यातकों के बड़े वर्ग को पर्याप्त लोन उपलब्ध कराने और संशोधनों का प्रस्ताव दिया है। उत्पाद निर्यातकों को लोन की कम लागत के साथ देनदार खातों को रेटेड खातों के बराबर मानने की सुविधा प्रदान कराता है।
बैंको ने दिए ये सुझाव
पीयूष गोयल ने कहा कि नौ बैंकों के प्रस्तावित योजना को सभी बैंकों तक जांच कर सकता है। जिससे कि निर्यातकों के लिए निर्यात लोन ऑफटेक बढ़ाया जा सके। बैंकों ने सुझाव दिया कि सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट को समान प्रसंस्करण पद्धति अपनानी चाहिए। जिसके लिए पीयूष गोयल ने नुकसान की भरपाई के लिए समान तर्ज पर पैटर्न लागू करने की सलाह दी।

