बजट सत्र से पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तम्भ है। प्रदेश सरकार का हमेशा मानना रहा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों लोकतंत्र की महत्वपूर्ण धुरी हैं। प्रदेश हित में दोनों पक्ष कार्य करें। जनता-जनार्दन ने जिसको जो दायित्व सौंपे हैं, उसके अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
बजट 22 फरवरी को
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के इस सत्र में 22 फरवरी को उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के लिए बजट प्रस्तुत होगा। दोनों सदनों में अभिभाषण व बजट पर चर्चा होगी उसके बाद बजट प्रस्तावों को पारित किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य विधायी कार्य सम्पन्न होंगे। विधान सभा अध्यक्ष व विधान परिषद के सभापति के मार्गदर्शन में सभी सदस्यगण शनिवार को भी विधायी कार्य करेंगे। सदन को विचार-विमर्श का एक बेहतर मंच बनाएंगे।
जनप्रतिनिधियों से अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वह अपनी बात को प्रभावी व सकारात्मक ढंग से सदन के पटल पर रखें। यह उनका अधिकार है। असहमति हो सकती है, लेकिन असहमति के कारण हम कार्य को बाधित न करें। यह न लोकतंत्र के हित में है और न ही प्रदेश के हित में है। सदन के माध्यम से सदस्यों की बात जनता-जनार्दन व सरकार के पास पहुंचती है। सभी सदस्य जनता-जनार्दन व लोकतंत्र की भावना का सम्मान करते हुए सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने में अपना सार्थक व सकारात्मक योगदान दें।
हर सवाल का जवाब देगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी मुद्दे पर, जो लोकतंत्र, प्रदेश व विधायिका के हित में है, उन सभी मुद्दों पर एक सारगर्भित चर्चा और हर मुद्दे का जवाब देने के लिए तैयार है। प्रदेश की जनता-जनार्दन ने जिस भाव के साथ जनप्रतिनिधियों को सदन में भेजा है, उन भावनाओं के अनुरूप सभी जनप्रतिनिधि आचरण करें। हम सभी को सदन की कार्यवाही को शानदार तरीके से चलाने में अपना सहयोग देना चाहिए, तभी देश के अन्य राज्य विधान मण्डलों के सम्मुख उत्तर प्रदेश विधान मण्डल एक नजीर प्रस्तुत करेगा।

