- प्रदेश कांग्रेस में पड़ी फूट ने भाजपा को दे दिया मौका
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भले ही छत्तीसगढ़ को पंजाब न बनने का दावा कर रहे हों लेकिन उनके पार्टी विधायकों में मची हलचल प्रदेश कांग्रेस में पड़ी फूट का साफ इशारा कर रही है। ऐसे में दो साल से मुद्दे की तलाश में जुटी भाजपा को प्रदेश राजनीति में हस्तक्षेप करने का मौका मिल गया है। प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी भी कांग्रेस में मची अंदरूनी हलचल पर निगाहें लगाये हुए हैं और पल-पल की खबर शीर्ष नेतृत्व को दे रहे हैं।
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पंजाब के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस में मची कलह सबके सामने आ गयी है। पार्टी के विधायक दिल्ली का दौरा कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसको विधायको का अधिकार बता रहे हैं। कांग्रेस विधायकों के हाईकमान से मिलने बात करने में बुराई क्या है ? बघेल का कहना है कि छत्तीसगढ़ पंजाब नहीं बन सकता। वहीं पूर्व सीएम डा.रमन सिंह प्रदेश कांग्रेस में विभाजन होने का दावा कर रहे हैं। रमन सिंह का कहना है कि कांग्रेस के विधायक सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर दवाब बनाने की कोशिश लगातार कर रहे हैं। जी-29 के नेता भी अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर मुखर हो रहे हैं।
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वहीं कांग्रेस विधायकों के दिल्ली की ओर रूख करने और प्रदेश कांग्रेस में मची खलबली पर भाजपा की निगाहें गढ़ी हुई हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर कांग्रेस की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी है। ऐसे में भाजपा भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पंजाब की तरह सियासी बम फूटने का इंतजार कर रही है। दीपावली बोनस के रूप में छत्तीसगढ़ कांग्रेस का विवाद सामने आने पर भाजपा की बांछे खिल गयी हैं। इस मुद्दे को भुनाने और प्रदेश राजनीति में सेंध लगाने का प्रयास भाजपा कर रही है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अनेक नेता भाजपा के संपर्क में हैं। ऐसे में कब कौन पार्टी से बगावत कर दे कुछ कहा नहीं जा सकता।

