सारे एग्जिट पोल्स के अनुमानों को धराशायी करते हुए भाजपा ने हरियाणा में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास बनाया है, हरियाणा में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी पार्टी की सरकार ने हेटट्रिक बनाई हो. इस शानदार जीत पर भाजपा में जहाँ जश्न का वहीँ कांग्रेस पार्टी में निराशा का माहौल है. कांग्रेस पार्टी हरियाणा के नतीजों अप्रत्याशित बताते हुए स्वीकार करने से इंकार कर रही है. भाजपा ने सुबह की कहानी को पूरी तरह पलटते हुए न सिर्फ कांग्रेस पार्टी को सकते में डाल दिया वहीँ बड़े बड़े राजनीतिक विश्लेषक भी हरियाणा के इन नतीजों से हैरान हैं.
सुबह के शुरूआती रुझानों में 75 सीटें जीतने वाली कांग्रेस पार्टी पूरे नतीजे आने तक 37 सीटों पर सिमट गयी वहीँ सुबह जिस भाजपा को 10 सीटें मिलती हुई नज़र आ रही थी उसने 48 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। दो सीटें INLD को हासिल हुई हैं वहीँ तीन सीटों पर निर्दलीयों की जीत हुई है. पिछले चुनाव में 10 सीटें जीतकर किंगमेकर बनने वाली दुष्यंत चौटाला की JJP का पूरी तरह सफाया हो गया है, यहाँ तक दुष्यंत को निर्दलीयों से कम वोट हासिल हुए हैं, उन्हें मात्र 7950 वोट हासिल हुए और वो पांचवें नंबर पर रहे. बसपा और आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुला।
कांग्रेस पार्टी के लिए ये हार काफी मायने रखती है. इस हार के बाद इंडिया गठबंधन में सहयोगी पार्टियों ने भी कांग्रेस पर कटाक्ष करने शुरू कर दिए हैं. आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि चुनाव में किसी को भी अतिआत्मविश्वास नहीं पालना चाहिए वहीँ महाराष्ट्र में शिवसेना UBT की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा से सीधे मुकाबले में कांग्रेस पार्टी पिछड़ जाती है, कांग्रेस पार्टी को इसपर चिंतन करना चाहिए। भाजपा की बात करें तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद उसने हैरअंगेज़ नतीजे देकर सबको चौंकाया है.

