देश में पांच चरणों का चुनाव हो चूका है, यूपी कि भी 55 सीटों का चुनाव संपन्न हो गया और अब छठे चरण की बारी है जिसमें भी पांचवें चरण की तरह 14 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है. इन 14 सीटों में एक सीट प्रतापगढ़ की भी है जहाँ पर राजा भैया की राजनीती चलती है. इस चुनाव में राजपूतों की राजनीति भाजपा के पक्ष में दिखाई नहीं दे रही है, प्रतापगढ़ में राजा भैया के समर्थक सपा प्रत्याशी के साथ नज़र आ आरहे हैं. इस चुनाव में भाजपा ने संगम लाल गुप्ता जो मौजूदा सांसद हैं और तेली समाज से ताल्लुक रखते हैं को उम्मीदवार बनाया है. यही संगम अपनी चुनावी सभा में लोगों के सामने भावुक हो गए, आंसू निकल पड़े और बोल पड़े कि क्या किसी तेली को सांसद बनने का हक़ नहीं है, क्या राजाओं के गढ़ में सिर्फ राजपूत ही सांसद बन सकता है, किसी और को अधिकार नहीं है।
संगम लाल जब चुनावी सभा में आंसू बहा रहे थे तब उनके साथ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी थीं जिनके एक बयान से राजा भैया काफी नाराज़ हुए और एक समय भाजपा को समर्थन देने का मन बनाने के बाद अपना फैसला बदलते हुए सपा का समर्थन कर दिया। कहा जा रहा है कि ये सब अनुप्रिया पटेल के बयान की वजह से ही हुआ है. बहरहाल पट्टी इलाके में हुई इस जनसभा में उन्होंने अपने दिल की भड़ास निकाल दी. संगम लाल ने कहा कि उन्होंने तो सांसद बनने के बाद पिछले पांच साल में किसी का अपमान नहीं किया।
प्रतापगढ़ सीट पर 25 मई को वोट डाले जायेंगे। समाजवादी पार्टी ने यहाँ से डॉ. एसपी सिंह पटेल और बसपा ने प्रथमेश मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है. प्रतापगढ़ के जातीय समीकरण को देखते हुए मुकाबला त्रिकोणीय और कांटे का लग रहा है ऐसे में राजा भैया की भूमिका काफी अहम हो जाती है। कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के इर्द गिर्द ही प्रतापगढ़ की राजनीती घूमती है, ऐसे में राजा भैया का जिसे आशीर्वाद मिल जाय उसकी नैया पार हो सकती है और राजा भया का सपोर्ट इस बार डॉ. एसपी सिंह पटेल को मिलता नज़र आ रहा है.

