भारतीय रिजर्व बैंक की बीते दिनों पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कार्रवाई के मामले में भारतपे के संस्थापक अश्नीर ग्रोवर कूद पड़े हैं। उन्होंने RBI के एक्शन और फिनटेक कंपनियों पर आये RBI के बयान के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक की कार्रवाई कुछ ज़्यादा ही सख्त है. उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि RBI के इस एक्शन से तो यही सन्देश जाता है कि उसे फिनटेक कंपनियों पर भरोसा नहीं है, RBI के लिए बैंक ही ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं.
अश्नीर ग्रोवर ने कहा कि भारत में हम स्टार्टअप्स को बड़ा करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग इन स्टार्टअप्स के संस्थापकों के साथ फोटो खिंचवाने के लिए तो उत्सुक रहते हैं लेकिन कानूनों के मामले में अबतक कोई कदम नहीं उठाया गया है। भारतपे के संस्थापक ने आरबीआई के फैसलों पर सवाल उठाते हुए अपनी कठोर प्रतिक्रिया में कहा केंद्रीय बैंक में बैठे फैसला लेने वाले ज़्यादातर लोग 60 बरस के आसपास के हैं, इन लोगों के पास बैंको को मैनेज करने का तजुर्बा है लेकिन 40 साल के लोगों में रिज़र्व बैंक का भरोसा कम दिखता है।
भारतपे के संस्थापक ग्रोवर ने कहा कि देश में इस समय 11 यूनिकॉर्न हैं लेकिन किसी को भी अर्थव्यवस्था के लिए सिस्टमैटिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, जबकि ये स्टार्टअप देश की विकास दर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये स्टार्टअप भारत में सबसे ज्यादा FDI लेकर आए हैं और रोजगार के मौके भी। भारत के फिनटेक परिदृश्य में पेटीएम की भूमिका पर भी अश्नीर ग्रोवर ने बात की। उन्होंने कहा कि भारत में फिनटेक कंपनियों की जन्मदाता पेटीएम ही है, अगर Paytm नहीं होती तो Bharat Pe भी नहीं होता। हमारा वजूद Paytm की वजह से ही है. Paytm के खिलाफ RBI की कार्रवाई को ग्रोवर ने स्टार्टअप समुदाय के लिए दुखद बताया।

