संभल। अपनी मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने थाने के भीतर धरना दे दिया। इस दौरान थाने के अंदर काफी लंबी ट्रैक्टर की लाइनें लगी रहीं। कार्यकर्ता थाना परिसर में ही दरी बिछाकर बैठ गए। जानकारी आलाधिकारियों को हुई तो सीओ को मौके पर भेजा। सीओ ने हाथ जोड़े तो बुजुर्ग कार्यकर्ता ने सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
कोतवाली में आए पीड़ित लोगों की फरियाद नहीं सुनने पर भाकियू पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। पहले तो भाकियू नेताओं ने कोतवाल को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब कोतवाल ने भाकियू कार्यकर्ताओं की बातों को अनसुना कर दिया तो भाकियू ने कोतवाली को धरनास्थल बना दिया।
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संभल कोतवाली में ही भाकियू ने थाने के अंदर धरना दे दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने कोतवाल पर अभद्रता और फरियादियों की न सुनने का आरोप लगाया। धरना के दौरान थाने में ही पुलिस और भाकियू टिकैत कार्यकर्ता आमने सामने डटे रहे। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं की कोतवाल से नोकझोंक भी हुई। मामला धनारी थाना परिसर का है जहां ट्रैक्टर और निजी वाहनों को थाने के अंदर खड़ा कर भाकियू टिकैत कार्यकर्ताओं ने धरना दे दिया। थाने में लाउडस्पीकरों से भाकियू नेताओं ने कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाए। थाने के अंदर धरने से हालात तनावपूर्ण बन गए। किसानों ने थाने के गेट पर भी वाहन खड़े कर रास्ता बंद कर दिया। पूरे मामले पर बता देंं कि धनारी कोतवाल विद्युत गोयल के खिलाफ दो तीन दिन पूर्व किसानों ने थाने के घेराव का ऐलान किया था। थाने के भीतर धरने की जानकारी सीओ को हुई तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने भाकियू पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। इसी बीच सीओ ने भाकियू कार्यकर्ताओं के सामने हाथ जोड़े तो एक बुजुर्ग कार्यकर्ता ने उठकर सीओ के सिर पर हाथ रखकर उनको आर्शीर्वाद भी दे दिया। कई घंटे बाद धरना समाप्त हो गया।

