आखिरकार मेहमान न्यूज़ीलैण्ड को 1988 के बाद भारत की धरती पर अपनी तीसरी टेस्ट कामयाबी हासिल हो गयी. पहली पारी में भारत को मात्र 46 रनों पर समेटने वाली कीवी टीम को जीत के लिए सिर्फ 107 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे उसने आज खेल के पहले सेशन में दो विकेट खोकर पूरा कर लिया और आठ विकेट से जीत हासिल कर श्रंख्ला में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. इस हार के से टीम इंडिया को WTC की अंक तालिका में नुक्सान पहुंचा है, उसके पर्सेंटाइल पॉइंट 74 से घटकर 68 हो गए हैं, हालाँकि अभी वो टॉप पर मौजूद है, उधर न्यूज़ीलैण्ड की टीम पांचवें स्थान से अब चौथे स्थान पर आ गयी है. शृंखला का दूसरा टेस्ट पुणे में 24 अक्टूबर से शुरू होगा।
न्यूज़ीलैण्ड ने आज अपनी पारी बिना किसी रन के शुरू की. बारिश के मौसम के माहौल के बीच बुमराह ने अपने कल के अधूरे ओवर से गेंदबाज़ी की शुरुआत की और इसी ओवर में लाथम को शून्य पर आउट करके उम्मीदें जगाई। इसके बाद ड्वेन कन्वे और विल यंग स्कोर को 35 रनों तक ले गए, यहाँ पर बुमराह ने कीवी टीम को एक और झटका दिया और कन्वे 17 रन बनाकर आउट हो गए. न्यूज़ीलैण्ड ने पहली पारी के शतकवीर रचिन रविंद्र को प्रमोट कर नंबर चार पर भेजा और उन्होंने टीम को बिलकुल निराश नहीं किया और पहली की तरह ही खुलकर खेले और यंग के साथ लक्ष्य को प्राप्त कर न्यूज़ीलैण्ड का 36 साल का लम्बा इंतज़ार ख़त्म किया। रचिन रविंद्र सिर्फ 46 गेंदों पर 39 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, वहीँ विल यंग 48 गेंदों पर नाबाद लौटे।
रचिन रविंद्र को उनकी शानदार पारियों के लिए प्लेयर ऑफ़ थे मैच का अवार्ड दिया गया. मैच प्रेजेंटेशन में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बात करते हुए कहा कि दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए हमने अच्छा प्रदर्शन किया। हमें पता था कि आगे क्या होने वाला है, इसलिए जितना संभव हो सके, उतने रन बनाने चाहिए। कुछ खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। रोहित ने कहा जब आप 350 रन से पीछे होते हैं, तो आप बहुत कुछ नहीं सोच सकते। आपको बस कोशिश करनी होती है। हम आसानी से 350 रन से कम पर आउट हो सकते थे, यह ऐसी चीज है जिस पर हमें गर्व है। रोहित ने कहा जब पंत और सरफराज बल्लेबाजी करते हैं तो हर कोई उम्मीद कर रहा था। सरफराज अपने तीसरे या चौथे टेस्ट में बहुत स्पष्ट और परिपक्व थे।
रहित ने कहा कि उन्होंने पहले दिन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, हम जानते थे कि यह एक चुनौती होगी, बादल छाए रहेंगे और पिच भी मुश्किल होगी। हमें नहीं लगा कि हम 46 रन पर ऑल आउट हो जाएंगे, लेकिन न्यूजीलैंड को श्रेय जाता है। अभी दो टेस्ट मैच बाकी हैं, हम जानते हैं कि इसके लिए क्या करना होगा और अगले दो टेस्ट मैचों में हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।
वहीँ न्यूज़ीलैण्ड के कप्तान टॉम लैथम ने कहा, टॉस हारना टीम के लिए अच्छा रहा। गेंदबाज़ों ने पहली पारी में सही क्षेत्रों में गेंद डाली और उसका इनाम भी टीम को मिला। लाथम ने कहा कि उन्हें पता था कि भारत वापसी करेगा और उन्होंने ऐसा किया। कीवी कप्तान ने कहा हम जानते हैं कि भारत कितनी बेहतरीन टीम है, हमने सोचा कि नई गेंद भी उनकी मदद करेगी, हमने कुछ बड़ी साझेदारियां बनाईं। उन्होंने ओरूर्के की तारीफ करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैसा ही प्रदर्शन किया है जैसा उन्हें करना चाहिए। पिच पर जोरदार तरीके से हिट करते हैं और गेंद को हवा में और पिच से बाहर घुमाते हैं। नेट्स में उनका सामना करना मुश्किल होता है। रचिन के बारे में लैथम ने कहा, वो एक युवा खिलाड़ी हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

