Delhi Air Pollution: दिल्ली में लागातार आज छठें दिन वायु गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में है। चिकित्सकों और मौसम वैज्ञानिकों ने ऐसी आपातकालीन स्थिति के प्रति लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार वायु प्रदूषण का दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक और कोरोनरी धमनी रोगों से सीधा संबंध है। विशेषज्ञ ने स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन स्थिति के प्रति लोगों को सचेत किया है।
पूरे स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के खतरनाक प्रभाव
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता गंभीर है। इससे होने वाले बीमारी को लेकर चिकित्सक चिंतित नजर आ रहे हैं। लोगों के मन में वायु प्रदूषण के कारण बीमारियों को लेकर तमाम तरह के सवाल हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पूरे स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के खतरनाक प्रभाव की बात कही है।
डॉ. पीयूष रंजन का कहना है कि ऐसे वैज्ञानिक प्रमाण हैं, जो वायु प्रदूषण और विभिन्न प्रकार के कैंसर को जन्म देने का कारण हैं। वायु प्रदूषण श्वसन प्रणाली को नुकसान पहुंचाने के अलावा, दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक कोरोनरी धमनी और दमा को बढ़ाता है। आपातकालीन स्थिति के प्रति सचेत करते हुए भ्रूण पर दुष्प्रभाव की चेतावनी दी है।
आरके पुरम का AQI 460, आईटीओ का AQI 400, लोधी रोड पर AQI 388
बता दें कि दिल्ली में हवा की गुणवत्ता आज सोमवार को लगातार छठें दिन गंभीर है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक(AQI) 400 के पार है। आरके पुरम का AQI 460, आईटीओ का AQI 400, लोधी रोड पर AQI 388 बना हुआ है। सिरीफोर्ट पर AQI 430, पटपड़गंज का AQI 471 और मोती बाग का AQI 488 दर्ज किया है। डॉक्टरों के मुताबिक, स्वस्थ व्यक्ति के लिए मानकों के अनुरूप AQI 50 से कम होना चाहिए। लेकिन इन दिनों AQI 400 से अधिक है, जो फेफड़ों से संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए घातक है। यहां तक कि फेफड़ों के कैंसर का खतरा पैदा हो सकता है।

