नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कैप्टन विराट कोहली के पद पर भी हितों के टकराव का मामला सामने आ रहा है. इस मामले में बीसीसीआई लोकपाल से शिकायत की गई है. शिकायत में कोहली के व्यापारिक उपक्रमों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह देखने में आता है कि यह लोढ़ा पैनल की सिफारिशों का उल्लंघन है. बीसीसीआई के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की शिकायतें प्रेरित हैं. बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि यह उथल-पुथल मचाने और उन लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश है जिन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया है.
क्या है आरोप?
शिकायतकर्ता संजीव गुप्ता ने कहा, विराट कोहली, एक ही समय पर दो पदों पर काबिज है जो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित बीसीसीआई के नियम 38(4) का उल्लंघन है और उन्हें अपने एक पद को त्यागना होगा. उनके दो पद- ए-38 (4)(ए)-खिलाड़ी है जबकि दूसरा पद-बी-3(4)(ओ)- संविदात्मक इकाई है. उन्होंने कहा, मैं नैतिक अधिकारी से अनुरोध करता हूं कि वह विराट कोहली को एक पद त्यागने का आदेश दें ताकि बीसीसीआई के संविधान का अनुपालन किया जा सके, जोकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित है.
एलएलबी में कोहली की हिस्सेदारी
गुप्ता ने अपने मेल में विराट कोहली स्पोट्र्स एलएलबी कंपनी के साथ भारतीय कप्तान की भागीदारी का भी उल्लेख किया है, जिसमें दो निदेशक-मालिक हैं, जिनका नाम विराट कोहली और अमित अरुण सजदेह है. साथ ही कॉर्नरस्टोन वेंचर पार्टनर एलएलपी का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें तीन निदेशक-मालिक हैं और इनके नाम विराट कोहली, अमित अरुण सजदेह और बिनॉय भरत खिमजी है.
बीसीसीआई को घेरने की कोशिश
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, एक बार आप जब शिकायतों को देखेंगे तो पता चल जाएगा कि यह शिकयतें प्रेरित हैं. कोई न कोई बीसीसीआई अधिकारियों को घेरने की कोशिश कर रहा है और अब वह भारतीय टीम के कप्तान को किसी कारण से घेर रहा है. जो बीते छह साल में हुआ है, यह पैटर्न साफ दिखाई दे रहा है. आप ईमेल और उसकी भाषा को देख लीजिए, मंशा साफ पता चल रही है कि यह सफल लोगों के दामन पर दाग लगाने की कोशिश है. इसके पीछे कोई न कोई प्रेरणा है.

