लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को बड़ा झटका लगा है। उन्हें डूंगरपुर मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आजम पर 14 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि बुधवार को उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया गया था।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को डूंगरपुर की जमीन पर कब्जा करने और घरों में तोड़फोड़ करने का दोषी ठहराया है। आजम खान पर साल 2019 में डूंगरपुर कॉलोनी को जबरन खाली कराने के साथ ही लोगों को धमकाने का आरोप है। इस मामले में केस दर्ज किया गया था। आजम खान के अलावा ठेकेदार बरकत अली को भी इस मामले में दोषी पाया गया है। ठेकेदार बरकत अली को भी कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है, साथ ही 6 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
आजम खां सीतापुर जेल में बंद हैं। इस मामले में 29 मई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश वह हुए थे। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी शिव प्रकाश पांडेय ने बताया कि डूंगरपुर बस्ती निवासी अबरार ने 6 दिसंबर 2016 को गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में उसने आजम खां, सेवानिवृत्त पुलिस क्षेत्राधिकारी आले हसन और ठेकेदार बरकत अली पर घर में घुसकर लूटपाट और मारपीट करने का आरोप लगाया था। आज़म खान के वकील विनोद शर्मा ने बताया कि जबरन घर खाली कराने और उसे ध्वस्त करने के मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री को दोषी करार दिया है। इस बीच, आजम खां की पत्नी तंजीन फातिमा बुधवार को रामपुर जिला जेल से रिहा हो गईं। उन्हें पिछले सप्ताह हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में 24 मई को आजम खां, उनकी पत्नी फातिमाऔर बेटे अब्दुल्ला आजम खां को जमानत दे दी थी

