मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ के घोसी विधान सभा में राजनीतिक उठा पटक के बीच जो अंदेशा था वही हुआ । समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से घोसी के पूर्व विधायक रहे सुधाकर सिंह ने अपने क्षेत्र के लोगों की बुलाई गई पंचायत में अपने टिकट कटने के धुखड़ा रोते हुवे सपा से बगावत का संकेत दिया । इशारों इशारों में सुधाकर सिंह ने मंच से रोते हुवे कहा कि जो दर्द मिला है उस दर्द की एक ही दवा है कि जिसने दर्द दिया है उसको मंजिल तक मत पहुँचने दीजिएगा । सुधाकर सिंह ने बिना नाम लिए दारा सिंह चौहान को हराने का इशारा किया ।

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बताते चलें कि समाजवादी पार्टी ने भाजपा से सपा में आए दारा सिंह चौहान को घोसी से टिकट दिया है । वहीं बाद में सपा के कद्दावर नेता सुधाकर सिंह को मधुबन विधान सभा से टिकट दे दिया । टिकट मिलने के बाद सुधाकर सिंह ने सपा से नामांकन भी कर दिया । लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सुधाकर सिंह का मधुबन विधान सभा से टिकट काट कर उनकी जगह बसपा से सपा में आए उमेश चंद पाण्डेय को प्रत्याशी घोषित कर दिया । जिसके बाद सुधाकर सिंह बगावती तेवर अपना लिया । पिछले छः दिनों से सुधाकर सिंह ने लखनऊ में अखिलेश यादव से बहुत मिलने की कोशिश की लेकिन अखिलेश यादव उनसे नहीं मिले । थक हार कर सुधाकर सिंह वापस मऊ जनपद आकर जनता को रो रो कर अपना धुखड़ा सुनाया। सुधाकर सिंह ने जन पंचायत में लोगों को बताया कि उनका संकल्प था कि आखरी सांस तक मुलायम सिंह , अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के साथ रहकर इस पार्टी के लिए उनकी चिता भी जलेगी लेकिन लग रहा है की उनके संकल्प को विवश करके तोड़ने की कोशिश की जा रही है । चौधरी चरण सिंह का उदाहरण देते हुवे बताया कि चौधरी चरण सिंह कहा करते थे कि उनके हाथों अगर गलत प्रत्याशी चुनाव में उतार दिया जाए तो आपका कर्तव्य बनता है कि उस प्रत्याशी को हराकर उसकी जमानत जप्त कर दें । इशारों इशारों में सुधाकर सिंह ने आज बगावत की बिगुल फूंक दी है । अब देखना दिलचस्प होगा कि सुधाकर सिंह की बगावत का फायदा किसको मिलता है ।

