देहरादून। चुनाव में प्रत्याशी की छवि को लेेकर भाजपा (BJP) हमेशा से मुखर रही है। भाजपा दावा भी करती है कि वो किसी दागी या अपराधिक छवि वाले व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाती। लेकिन मजे की बात उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Election 2022) के नतीजे सामने आने के बाद जो विधायक जीतकर आए हैं। उनमें से 27 प्रतिशत विधायकों पर अपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। जीतने वाले 70 प्रत्याशियों में 27 प्रतिशत ने खुद अपने हलफनामें यह स्वीकारा है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है। इनकी संख्या 19 है। वहीं भाजपा और कांग्रेस के आठ—आठ ऐसे प्रत्याशी चुनाव जीतकर जनप्रतिनिधि बने हैं जिनके ऊपर बड़े अपराधिक मुकदमें दर्ज है।
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एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। एडीआर की रिपोर्ट (ADR report) के अनुसार उत्तराखंड इलेक्शन वॉच के साथ ही उत्तराखंड में 2022 में चुनाव जीतने वाले सभी 70 प्रत्याशियों द्वारा घोषित किए गए हलफनामों का बारीकी से विश्लेषण किया तो पाया गया कि विजयी 70 प्रत्याशियों में से 27 प्रतिशत यानी 19 के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसा इन जीते हुए प्रत्याशियों ने अपने हलफनामें में खुद कहा है। जबकि 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान 70 विधायकों में से 22 ऐसे प्रत्याशी चुनाव जीते थे और जिनके ऊपर आपराधिक मामले दर्ज थे। रिपोर्ट के मुताबिक 2022 के विधानसभा चुनाव में जिन 47 भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है उनमें से आठ यानी 17 प्रतिशत आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं। जबकि कांग्रेस के जीतने वाले कुल 19 प्रत्याशियों में से आठ यानी 42 प्रतिशत अपराधिक पृष्ठ भूमि वाले हैं। इन सभी ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक केसों की जानकारी दी है।

