पूर्वाचल में ब्राहमण को साधने केे लिए भाजपा ने मैदान में उतारी ब्राहमणों की टीम

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पूर्वाचल में ब्राहमण को साधने केे लिए भाजपा ने मैदान में उतारी ब्राहमणों की टीम

मेरठ। पचिमी से लेकर पूर्चाचल तक सात चरणों में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) होने हैं। हर चरण में राजनैतिक दल अलग—अलग रणनीति बनाते नजर आ रहे हैं। चार चरण के बाद अब बाकी बचे तीन चरणों में ब्राहमणों को साधने के लिए भाजपा ने मैदान में अपने ब्राहमण नेताओं की पूरी टीम को उतार दिया है। भाजपा की रणनीति हैं कि पूर्वाचल का ब्राहमण मतदाता उनसे छिटक न जाए। वहीं ब्राहमणों को साधने के लिए कांग्रेस और बसपा भी मेहनत कर रही है। भाजपा ने पूर्वाचल के एक—एक ब्राहमण परिवार को साधने के लिए अपने दिग्गज ब्राहमण नेताओं को टास्क दिया है। इस समय पूर्वांचल के ब्राहमण निर्णाय भूमिका में हैं। एक तरफ जहांं सभी राजनैतिक दल दूसरी जाति के वोटों को साधने के साथ ब्राहमणों को साधने की कवायद कर रहे हैं वहीं पूर्वांचल में विधानसभा चुनाव का पड़ाव पहुंचते ही भाजपा को अब यहां के ब्राह्मण वोटरों की सुध आनी शुरू हो गई है। भाजपा ने अपनी ब्राहमण टीम को पूर्वाचल के जिलो की कमान सौंपी हैं। भाजपा के ये बड़े ब्राहमण नेता क्षेत्र के प्रभावी ब्राम्हणों का समर्थन हासिल करने की मुहिम में जुट गए हैं। ब्राह्मणों को साधने के लिए भाजपा ने प्रदेश सरकार में श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रहे सुनील भराला को प्रतापगढ़ की कुंडा और बाबागंज जैसी सीट पर ब्राम्हण समाज को जोड़ने का जिम्मा सौंपा है।

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भाजपा ब्राह्मण नेता डा0 लक्ष्मीकांत वाजपेयी (BJP Brahmin Leader Dr. Laxmikant Bajpai) जो कि पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भी रहे हैंं उनका कहना है कि पूर्वांचल में ब्राह्मण समाज निर्णायक है। ब्राहमण समाज हमेशा से भाजपा के समर्थन में मतदान करता आया है। भाजपा की सरकार बनाने में ब्राहमण मतदाताओं का अहम रोल रहता है। ब्राम्हण समाज के सांसदों व मंत्रियों को भी ब्राह्मण मतदाताओं के बीच प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि गोरखपुर,इलाहाबाद,प्रतापगढ, वाराणसी के अलावा अन्य जिलों में ब्राहमण मतदाताओं की संख्या काफी अच्छी मानी जाती है जो कि किसी भी प्रत्याशी को जिताने का मददा रखते है। यहीं कारण है कि भाजपा इस बार भी ब्राहमणों को साधने में जुटी हुई है।

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