सैक्सोफोन की मधुर धुनों को पुर्नजीवित कर देते हैं अशरफ भाई

मेरठ रीजनसैक्सोफोन की मधुर धुनों को पुर्नजीवित कर देते हैं अशरफ भाई

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सैक्सोफोन की मधुर धुनों को पुर्नजीवित कर देते हैं अशरफ भाई

देश के कोने-कोने से सैक्सोफोन रिपेयर होने के लिये आते हैं अशरफ भाई के पास
सैक्सोफोन पर थिरकती अंगुलियां देखते ही देखते दूर कर देती हैं बड़ी से बड़ी कमी

अमित बिश्‍नोई

मेरठ। सैक्सोफोन से निकली धुनों की रोमांटिक ध्वनि जीभ, होंठ, सांस, अंगुलियों और कलाकार की शानदार प्रस्तुति किसी को भी मंत्रमुग्ध कर देती है। मगर इन धुनों को बनाये रखने के लिये अशरफ भाई दिन-रात एक किये रहते हैं। एक कलाकार की भांति उनकी अंगुलियां भी सैक्सोफोन पर थिरकती रहती हैं। वाद्य यंत्र में किसी भी कमी को एक बार बजाते ही पकड़ने वाले अशरफ भाई सैक्सोफोन की मधुर धुनों को पुर्नजीवित कर देते हैं।

सैक्सोफोन की मधुर धुनों को पुर्नजीवित कर देते हैं अशरफ भाई
इमेज क्रेडिट : मुनीश कुमार

मेरठ शहर के पुराने इलाके खैरनगर मेें अशरफ उल्लाह भाई बाजार की चहल-पहल को अनसुना कर वाद्य यंत्रों को सही करने में जुटे रहते हैं। तीन पीढ़ियों से वाद्य यंत्रों को रिपेयर करने का कार्य कर रहे अशरफ भाई सैक्सोफोन की रिपेयरिंग करने के लिये मशहूर हैं। किसी डाक्टर की तरह वह भी सैक्सोफोन की नब्ज पकड़ते ही उसकी बीमारी पहचान जाते हैं। फिर शुरू होती है उनकी अंगुलियों की जादूगरी जो कितनी भी खराब हालत में पहुंच चुके सैक्सोफोन को फिर मधुर स्वर लहरियां निकालने के काबिल बना देते हैं।

सैक्सोफोन की मधुर धुनों को पुर्नजीवित कर देते हैं अशरफ भाई
इमेज क्रेडिट : मुनीश कुमार

सैक्सोफोन रिपेयरिंग के स्पेशलिस्ट अशरफ भाई की उम्र भले ही 67 साल हो गयी हो लेकिन जब वह सैक्सोफोन को रिपेयर करने के लिये हाथ में उठाते हैं तो उनके जिस्म में युवा सी फुर्ती आ जाती है। किसी भी सैक्सोफोन को रिपेयर करने के बाद उसको बजाते हुए अशरफ भाई के चेहरे पर खुशी छा जाती है।

सैक्सोफोन की मधुर धुनों को पुर्नजीवित कर देते हैं अशरफ भाई
इमेज क्रेडिट : मुनीश कुमार

अशरफ भाई ने बताया कि उनकी तीन पीढ़ियां वाद्य यंत्रों को रिपेयर करने का कार्य कर रही हैं। छ बच्चों के पिता अशरफ भाई के बच्चे भी इसी काम को आगे बढ़ा रहे हैं। अशरफ भाई कहते हैं, सैक्सोफोन रिपेयर करना मेरा काम ही नहीं मेरी जिंदगी है। बचपन से सैक्सोफोन को रिपेयर करता आ रहा हूं और देश के कोने-कोने से सैक्सोफोन रिपेयर होने के लिये मेरे पास आते हैं। अब मेरे बच्चों ने काम संभाल रहे हैं मगर आज भी सैक्सोफोन को रिपेयर कर मुझे बेइंतहा खुशी मिलती है।

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