- व्हाट्स एप ग्रुप में वायरल होने लगा था विकास के पकड़ने का वीडियो
- 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने में था वांछित, उसके 5 साथी ढेर
अमित बिश्नोई
यूपी पुलिस को छकाने वाले दुर्दांत अपराधी की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं. एक प्रमुख न्यूज चैनल के मुताबिक विकास की गिरफ्तारी 9:55 मिनट पर गुरुवार सुबह हुई. लगभग 10 से 15 मिनट बाद यह वीडियो आम लोगों के मोबाइल पर भी पहुंच गया. इससे यह पता लग रहा है कि कैसे यह वीडियो इतनी जल्दी पूरे देश भर में वायरल हो गया.गौरव सिंह सेंगर नाम के यूजर ने लिखा की बीति रात साढ़े नौ बजे के लगभगत उज्जैन के डीएम आशीष सिंह और कप्तान मनोज कुमार भारी हड़बड़ाहट में महाकाल मंदिर पहुंचे थे. खास बात यह है कि दोनों दर्शन के लिए नहीं गए थे. मंदिर परिसर के एक कमरे में मंथन चला और 8 पुलिसकर्मियों को अपने साथियों की मदद से मौत के घाट उतारने वाले विकास ने सरेंडर कर दिया. संयोग कहे या साजिश? क्रोनोलॉजी गहरी है.
विकास का सोशल मीडिया कनेक्शन
बताया जा रहा है कि विकास सोशल मीडिया से बहुत दूर रहता था. यहां तक की वह फोन भी दूसरों की आईडी पर चलाता रहा है.गुरुवार को विकास को अरेस्ट करने के बाद तुरंत ही टिवट् र विकास दुबे और विकास दुबे अरेस्ट नाम से हैंडल ट्रेंड करने लगे.
यूजर्स क्या उठ रहे सवाल?
- विकास की मां ने बताया था कि वह महाकाल का भक्त है तो वह मंदिर परिसर में पता क्यों पूछ रहा था
- गार्ड ने बोला कि विकास दुबे ने महाकाल मंदिर में दर्शन नहीं किए थे पुलिस कह रही दर्शन किए
- उसकी मंदिर परिसर में खड़े होने वाली फोटो किसने क्लिक की
- फरीदाबाद से कैसे उसने इतनी जल्दी महाकाल मंदिर तक यात्रा कर ली
- लखनऊ से हाईकोर्ट लिखी गाड़ी से पहुंचा तो पुलिस ने चेकिंग क्यों नहीं की
- 10 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी लगे फिर भी वह कैसे तीन राज्यों का बॉर्डर पार कर गया

