दुनिया की लोकप्रिय और दिग्गज कंपनी Apple के प्रशंसको के दुनिया के हर कोने में मौजूद हैं। कंपनी ने हाल ही में अपनी मोस्ट अवेटेड iPhone 12 सीरीज को बाजार में उतारा है। जहां यूजर्स के बीच ये सीरीज काफी लोकप्रिय हो रही है, वहीं इस बार कंपनी अपने iPhone को लेकर ही मुद्दों में फंसती नजर आ रही है। अपने पुराने iPhone को स्लो करना कंपनी के लिए भारी पड़ गया है और इसके कारण अब Apple को 113 मिलियन डॉलर यानि लगभग 8.3 अरब का जुर्माना भरना पड़ेगा।
ये है वजह
रिपोर्ट के अनुसार Apple ने साल 2016 में iPhone के लिए एक अपडेट जारी किया था, जिसके कारण पुराने iPhone स्लो हो गए थे। कंपनी ने इसके बारे में अपने यूजर्स को कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई थी। यह मामला batterygate नाम से काफी चर्चा में भी रहा। वहीं एक बार फिर से Apple इस मामले में फंसती नजर आ रही है। इस बार अमेरिका के लगभग 34 राजय मिलकर इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं। इस मामले के सेटलमेंट के लिए कंपनी को 113 मिलियन यानि करीब 8.3 अरब का जुर्माना देना होगा। इससे पहले भी कंपनी पेनाल्टी के तौर पर 500 मिलियन डॉलर दे चुकी है।
Batterygate क्या है?
Apple ने साल 2016 में बिना किसी जानकारी के अपने iPhone 6, iPhone 7 और iPhone SE के लिए एक सॉफ्टवेयर अपडेट किया था। ताकि डिवाइसों पर उम्र बढ़ने वाली बैटरी फोन के प्रोसेसर को पावर स्पाइक्स न भेजें और इसे अप्रत्याशित रूप से बंद कर दें। इस अपडेट के कारण पुराने iPhone की स्पीड स्लो हो गई थी। जिसके बाद अमेरिकी राज्यों ने कहा कि कंपनी ने यूजर्स को गुमराह किया है। कंपनी को पुराने iPhone की बैटरी बदलनी चाहिए थी या फिर समस्या का खुलासा करना चाहिए था।
पुराने iPhone को मिले अपडेट के बाद उनके स्लो की समस्या को लेकर कंपनी ने एक दलील पेश की थी। जिसमें कहा गया है कि पुराने iPhone को इसलिए स्लो किया जा रहा है कि क्योंकि बैटरी पुरानी होने के कारण iPhone खुद ही शटडाउन न हों, या यूजर्स को फोन में किसी दूसरी समस्या का पालन न करना पड़े।

