देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एसआइटी के पास आने से अब नए खुलासे होने लगे हैं। वही हत्याकांड के आरोपी पुल्कित के पिता और भाई भाजपा से निष्काषित कर दिए गए हैं। अंकिता ने अपने दोस्त को किये वाट्सएप मैसेज में बताया था कि आरोपी पुल्कित उस पर ग्राहकों को स्पेशल सर्विस देने के लिए दबाव बनाता था। नौकरी ज्वाइन करने के बाद से अंकिता लगातार अपने माता-पिता के साथ फोन के संपर्क में रहती थी। अंकिता ने माता पिता को कभी यह अहसास नहीं होने दिया कि वह इतना परेशानी में है। शायद अंकिता के जेहन में पिता की आर्थिक स्थिति का ख्याल था। इस कारण से वह रिसॉर्ट मालिक पुल्कित आर्या, अंकित और सौरभ की मनमानी को सहन कर रही थी।
शुरुआत में अंकिता की नौकरी सही थी। लेकिन बाद में रिसॉर्ट मालिक पुल्कित आर्या और उसके साथी अंकिता को परेशान करने लगे। वह अंकिता पर रिसॉर्ट में आने वाले कस्टमर से संबंध बनाने का दबाव बनाने लगे। लेकिन अंकिता ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया था। घर पर वह यह बात बताने में संकोच कर रही थी। इसलिए उसने यह बात अपने दोस्त पुष्प को भी फोन पर बताई थी। अंकिता अपनी सभी छोटी बड़ी बातें अपने दोस्त जम्मू निवासी पुष्प के साथ ही शेयर करती थीं। जिस पर पुल्कित आर्या और उसके साथी अंकिता से नाराज हो गए थे। 18 सितंबर 2022, दिन रविवार को अंकिता कई दिनों तक रिसॉर्ट मालिक पुल्कित आर्या और उसके साथियों की बात को टालती रही थी। लेकिन रविवार की शाम इसी बात को लेकर अंकिता, पुल्कित, अंकित और सौरभ के बीच रिजॉर्ट में काफी विवाद और कहासुनी हुई थी। इसके बाद अंकिता ने रोते हुए रिजॉर्ट के एक कर्मचारी को कॉल किया और उससे अपना बैग लाने के लिए कहा था।
जब अंकिता ने रिसार्ट छोड़कर जाने की बात कही तो दरिंदों ने उसकी हत्या का षड्यंत्र रचा और 18 सितंबर को रात करीब आठ बजे पुल्कित, अंकित और सौरभ, अंकिता को लेकर ऋषिकेश पहुँचे। अंकिता ने यहां उनकी बात मानने से मना कर दिया।
उसने कहा कि वह रिसॉर्ट में चल रहे कामों के बारे में अपने घरवालों और परिचितों को भी बता देगी। झगड़ा बढ़ने पर उसने पुल्कित का मोबाइल नहर में फेंक दिया। इसके बाद पुल्कित और अंकिता के बीच हाथापाई हुई। जिसके बाद पुल्कित और अन्य दो ने अंकिता को चीला नहर में फेंक दिया।
अंकिता लहरों से बाहर निकलने के लिए छटपटाती रही, लेकिन वहशी हत्यारों का दिल नहीं पसीजा। तीनों अंकिता के डूबने का इंतजार करते रहे। अंकिता मदद के लिए चिल्लाई रही।लेकिन तीनों दरिंदे उसे डूबते हुए देखते रहे। अंकिता की रहस्यमय गुमशुदगी की बात भी सबसे पहले अंकिता के दोस्त पुष्प ने ही उनके स्वजन को दी। इसके बाद पुष्प खुद 23 सितंबर तक अंकिता के परिजनों के साथ छानबीन में जुटा रहा। अंकिता ने अपने जम्मू वाले दोस्त पुष्प को बताया था कि रिजॉर्ट मालिक पुलकित ने अपने भाई अंकित आर्य को भी स्पेशल सर्विस देने के लिए दबाव बनाया था। पुष्प ने इसके स्क्रीन शॉट एस आईटी को उपलब्ध कराए है।

