दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने जेल से निकलने के बाद आज अपना पहला भाषण देते हुए भाजपा के लिए प्रधानमंत्री पद पर अमित शाह का नाम उछालकर एक नया नैरेटिव सेट करने की कोशिश की, जिसका त्वरित असर भी तब देखने को मिला जब अमित शाह को खुद सामने आकर ये बात कहनी पड़ी कि भले ही मोदी जी 75 साल के हो जाँयगे लेकिन वो अपना तीसरा कार्यकाल पूरा करेंगे। अमित शाह ने एक तरह से केजरीवाल की इस बात का खंडन किया वो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं.
अमित शाह आज तेलंगाना के चुनावी दौरे पर थे, इसी बीच आज दोपहर में मंदिर दर्शन करने के बाद केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितम्बर को 75 साल के हो जायेंगे, इसलिए वो नहीं बल्कि अमित शाह प्रधानमंत्री बनेंगे, मोदी जी अपने लिए नहीं, अमित शाह के लिए वोट मांग रहे हैं. केजरीवाल के इस बयान का जवाब देते हुए अमित शाह ने एक प्रेस कान्फेरेन्स में कहा कि भाजपा के संविधान में ये कहीं नहीं लिखा है कि 75 साल की उम्र वाला राजनीती नहीं कर सकता। याद दिला दें कि लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन और दुसरे कई वरिष्ठ नेताओं को सिर्फ इसलिए चुनाव लड़ने से रोका गया कि वो 75 साल के हो चुके थे, कहा गया था कि ये वरिष्ठ नेता मार्गदर्शक मंडल में रहेंगे और पार्टी का मार्गदर्शन करेंगे.
अमित शाह ने कहा कि वो अरविन्द केजरीवाल को बताना चाहते हैं कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने पर भाजपा में कोई कन्फ्यूज़न नहीं है. शाह ने कहा कि इंडिया अलायन्स को ज़्यादा खुश होने की ज़रुरत नहीं है, और अरविन्द केजरीवाल को याद रखना चाहिए कि उन्हें अभी वापस तिहाड़ जाना है, उन्हें सिर्फ अंतरिम ज़मानत मिली है, क्लीन चिट नहीं।

