वाशिंगटन। रुस और यूक्रेन युद्ध के बीच, चीन और उत्तर कोरिया की हाइपरसोनिक मिसाइलों की जद में बैठे अमेरिका को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसकी हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट में फेल हो गई। इससे अमेरिका के उस मिशन को झटका लगा है जो उसने रुस और चीन कि खिलाफ चलाया हुआ है। हाइपरसोनिक मिसाइल की टेस्टिग फेल होने से अमेरिका को बहुत बड़ा झटका लगा है। अमेरिका रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इसे स्वीकार किया है कि अनियमितता के कारण उनका ताजा मिसाइल परीक्षण फेल हो गया। पेंटागन ने यह पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल के सिस्टम का परीक्षण किया था। परीक्षण प्रशांत मिसाइल रेंज फैसिलिटी में किया गया।
Read also: America: अमेरिका में फिर से हुई गोलीबारी, स्कूल के बाहर 3 लोगों को गोली मारी
बताया जाता है कि परीक्षण के दौरान दो चरणों वाली मिसाइल के ऊपर कॉमन हाइपरसोनिक ग्लाइड बॉडी ऊपर लगाई गई थी। बूस्टर को इस मिसाइल को पांच मैक की हाइपरसोनिक स्पीड देनी थी। इसके बाद ग्लाइड बॉडी अलग होती है और रफ्तार का उपयोग अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए करती है। पेंटागन ने हाइपरसोनिक मिसाइल के पूरे सिस्टम का पहली बार परीक्षण किया था। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक अनियमितता के कारण पूरा सिस्टम परीक्षण पूरा नहीं हो सका है। पेंटागन ने कहा कि यह फेल परीक्षण नहीं था।
हालांकि अभी ये नहीं बताया है कि मिसाइल में क्या खामी आई है। यह भी नहीं पता चल सका कि मिसाइल कौन से चरण में फेल हुई। पेंटागन प्रवक्ता ने कहा कि परीक्षण से मिली सूचना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हाइपरसोनिक अमेरिका के लिए शीर्ष प्राथमिकता है। रक्षा मंत्रालय को भरोसा है कि वह तय समय में हमला करने और बचाव के लिए हाइपरसोनिक क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को पूरा करेगा।
Read also: Russia Ukraine war: रुस की बमबारी में एक और भारतीय छात्र की मौत,यूक्रेन के न्यूक्लियर प्लाट में आग

