देहरादून। देवभूमि में भले ही भाजपा की सरकार (BJP Government) बन गई हो। लेकिन अभी तक पार्टी अपने मुख्यमंत्री के नाम का चयन नहीं कर पाई है। भाजपा ऐसे नाम का चयन करना चाहती है जो कि पूरे पांच साल तक अपने पद पर बना रहे और बिना किसी विवाद के सरकार को चलाए। वहीं पार्टी की सत्ता में वापसी के बाद अब संगठन में भी बदलाव की सुगबुगाहट होने लगी है। माना जा रहा है कि वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष को उनके कार्य से मुक्त किया जाएगा और प्रदेश के लिए किसी दूसरे अध्यक्ष का चयन किया जाएगा। इसको लेकर नए प्रदेशाध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कोई भी निर्णय प्रदेश में सरकार बनने केक बाद लिया जाएगा।
प्रदेश में भाजपा ने पिछले साल मार्च में संगठन में नेतृत्व परिवर्तन किया था। उस समय प्रदेश अध्यक्ष रहे बंशीधर भगत को भाजपा ने सरकार में मंत्री बनाया था। भगत के मंत्री बनने के बाद त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मदन कौशिक को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इस पद पर रहते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने विधानसभा चुनाव (Assembly election) में भाजपा को दो-तिहाई बहुमत दिलवाया। अब ये माना जा रहा है कि भाजपा विधानसभा चुनाव का मिथक तोडकर प्रदेश अध्यक्ष कौशिक को नई सरकार में जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है। यदि ऐसा हुआ तो नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव फिर से होगा। सूत्रों की माने तो इस मसले पर पार्टी स्तर पर गहन मंथन हो रहा है। नई सरकार के गठन के बाद इस पर निर्णय होगा। इस बीच सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा।

