राजनीति को अवसरों का खेल कहा जाता है, लोकसभा चुनाव में शायद ही किसी ने ये सोचा होगा कि 400 पार का नारा देने वाले मोदी जी और यूपी में 80 की 80 सीटें जीतने का दावा करने वाले योगी जी को इस हिंदी भाषी राज्य में इतने बुरे प्रदर्शन का सामना करना पड़ेगा। भाजपा के यूपी में ख़राब प्रदर्शन की वजह से ही मोदी जी को पहली भाजपा के बहुमत के बिना सरकार चलानी पड़ रही है और योगी जी को अपने फैसले वापस लेने पड़ रहे हैं क्योंकि उनके विरोधी नए राजनीतिक घटनाक्रम में उन्हें आँख दिखाने लगे हैं और खुले आम बयानबाज़ी कर रहे हैं, नतीजा ये है कि भाजपा हार के कारणों को जानने के लिए जितनी बैठकें कर रही है, नेताओं के बयानों से बात और बिगड़ती जा रही है. भाजपा में बैठे कुछ अवसरवादी नेताओं को मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ मोर्चा खोलने का अवसर मिल गया है. भाजपा में मची इस सिर फुटव्वल को देखते हुए अब समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस राजनीतिक अवसर का फायदा उठाने के लिए भाजपा के अवसरवादी नेताओं को एक खुला ऑफर दिया है कि सौ विधायक लेकर आओ और सरकार बनाओ.
अखिलेश यादव ने भाजपा में मची अंदरूनी कलह पर कल भी बड़ा हमला किया था और कहा था कि जो भाजपा दूसरी पार्टियों के तोड़फोड़ में लगी रहती थी अब उसी के घर में तोड़फोड़ का माहौल चल रहा है, अखिलेश यादव ने आज अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में केशव प्रसाद मौर्या जैसे लोगों का नाम लिए बिना ऑफर दिया कि सौ लाओ और सरकार बनाओ. मतलब भाजपा में कोई बगावत करके पार्टी को तोड़ता है तो समाजवादी पार्टी उसे सरकार बनाने के लिए समर्थन देने को तैयार है.
अखिलेश के यादव के इस ऑफर पर हमेशा की तरह सबसे पहली प्रतिक्रिया केशव प्रसाद मौर्य की आयी है, उन्होंने सपा के PDA को धोखा बताते हुए कहा कि केंद्र में भी और यूपी में भी भाजपा की सरकार और संगठन दोनों ही बहुत मज़बूत है, इसलिए यूपी में अब गुंडाराज की वापसी के सपने देखना अखिलेश यादव बंद करें। बता दें कि जब से केशव प्रसाद मौर्य को अखिलेश यादव ने स्टूल मंत्री कहा तबसे दोनों के बीच छत्तीस का आंकड़ा है, केशव प्रसाद मौर्य अखिलेश के किसी भी बयान पर उनपर पलटवार करने से नहीं चूकते।

