चेन्नई टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ जीत के संकेत तो पहले दिन ही मिल गए थे जब अश्विन और जडेजा अपने बल्ले का जौहर दिखाते हुए बांग्लादेश की शुरूआती बढ़त को पानी पानी कर दिया था और उसके बाद बुमराह के नेतृत्व में बांग्लादेश की पहली पारी को सिर्फ 149 रनों पर समेत दिया था. खेल के चौथे दिन, पहले दिन के हीरो रविचंद्रन अश्विन ने विकटों का छक्का लगाकर बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 280 रनों की विशाल जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत दो टेस्ट मैचों की इस टेस्ट श्रंखला में अब 1-0 से आगे हो गया है.
भारत ने बांग्लादेश को जीत के लिए 515 रनों का लक्ष्य दिया था मगर बांग्लादेश की टीम दूसरी पारी में 234 रन ही बना सकी और मैच हार गई। कप्तान शान्तो और साकिब कुछ देर के लिए रूकावट ज़रूर बने मगर ये जोड़ी टूटते ही बांग्लादेशी शेर ढेर हो गए. लिटन दास और मेहँदी हसन मिराज जैसे बल्लेबाज़ जिन्होंने अभी हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ शृंखला में टीम को शानदार कामयाबी दिलाई थी, बुरी तरह नाकाम रहे.
बांग्लादेश की पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में जीत की हसरत तो पूरी हो गयी थी , सिर्फ टेस्ट ही नहीं 2 -0 श्रंखला भी पहली बार जीते थे और भारत भी इस उम्मीद को लेकर आये थे कि उन्हें टीम इंडिया के खिलाफ भी पहली टेस्ट कामयाबी मिल जाएगी मगर उनकी ये हसरत अधूरी ही रह गयी वहीँ भारत की बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैचों में ये 13 वीं जीत रही. दोनों अंतिम टेस्ट के लिए अब कानपूर में भिड़ेंगे। चेन्नई टेस्ट में शतक लगाने और 6 विकेट लेने के लिए अश्विन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अश्विन के अलावा दूसरी पारी में जडेजा दूसरे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 3 विकेट चटकाए। टेस्ट मैच की एक और ख़ास बात ऋषभ पंत का सैकड़ा भी रहा जो बड़े लम्बे अरसे बाद टेस्ट मैच खेलने उतरे थे.

