लखनऊ। 2005 से पुरानी पेंशन को बहाल किये जाने की लड़ाई को अखिलेश यादव ने अपने एक बयान से नया मोड़ दे दिया है। अखिलेश ने ऐलान किया है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो पुरानी पेंशन को बहाल किया जाएगा। उनके इस ऐलान के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल बनता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि कुछ कर्मचारी संगठन अखिलेश यादव की मंशा पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं। इस बीच राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कहा है कि सपा ने पुरानी पेंशन की बहाली का वादा किया है, अब वो किसी कर्मचारी नेता को टिकट देकर इसकी पुष्टि भी कर दे। मंगलवार को परिषद ने प्रेस कांफ्रेंस की है। परिषद ने दावा किया है कि पुरानी पेंशन की बहाली के लिये कर्मचारी सत प्रतिशत मतदान करेंगे। इसके लिए वो पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही यह भी दावा किया है कि पुरानी पेंशन की बहाली से कोई भी वित्तीय संकट नहीं खड़ा होगा।
Read also: अखिलेश बोले, सरकार आने पर लागू होगी पुरानी पेंशन व्यवस्था, भाजपा हमारे परिवार में लड़ाई कराती है
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष और महामंत्री शिव बरन यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली के लिए किए जा रहे कुतर्कों का जवाब देने के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया को कर्मचारी समाज के बीच से किसी व्यक्ति को टिकट देना चाहिए। कर्मचारी समाज के बीच से अगर कोई नेता आता है तो वह उनकी समस्याओं को लेकर के जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं उसका तत्काल निदान कराना संभव होगा। इसके लिए जरूरी है कि सदन में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व। उन्होंने समाजवादी पार्टी समेत दूसरे संगठनों से भी कहा है कि कर्मचारी संगठनों के प्रत्याशियों की अविलंब घोषणा करनी चाहिए। पुरानी पेंशन की बहाली और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर लगभग 10 सालों से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद आंदोलन कर रहा है ऐसे में परिषद के नेताओं ने एक कार्य योजना तैयार की है की शत-प्रतिशत मतदान किया जाए।

Read also: अटेवा ने ट्विटर पर दिखाई ताकत, ट्रेंड कराया #voteforOPS, जानिये क्या है मामला
कार्यवाहक अध्यक्ष और महामंत्री ने बताया कि परिषद के घटक संघों परिसंघ ओ एसोसिएशन के ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को योजना से अवगत कराते हुए कहा गया है कि जो दल पुरानी पेंशन की बहाली और आउटसोर्सिंग शोषण के शिकार कर्मचारियों को मुक्ति दिलाने का वादा करेगा हम उसके साथ खड़े होंगे। सुशील कुमार त्रिपाठी और शिव करण सिंह यादव ने कहा कि कोई भी सरकार पुरानी पेंशन की बहाली का ऐलान करती है तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई वित्तीय भार पड़ेगा। संयुक्त रूप से कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पुरानी पेंशन बहाली की स्पष्ट घोषणा की है जिसके बाद से कर्मचारियों और शिक्षकों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच से किसी को सदन भेजा जाए। जिससे कि भ्रम फैलाने वालों को जवाब दिया जा सके। उन्होंने कहा कि हम समाजवादी पार्टी से अपील करते हैं कि हमारी इस मांग को भी स्वीकार किया जाए।

