गुजरात मे होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। हार्दिक पटेल ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में पार्टी छोड़ने के पीछे के कई कारण बताए हैं और कहा है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं की अहंकारी सोच और पार्टी के नेतृत्व को सुचारू तरीके से न चलाने के कारण वह पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
हार्दिक ने पार्टी से पृथक होते हुए कहा की गुजरात मे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का वर्ताव देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा जैसे गुजरात और गुजरातियों से उन्हें नफरत है। अब पार्टी की ऐसी कटु नीतियों के बाद वह यह उम्मीद कैसे लगा सकती है कि गुजरात की जनता उन्हें विकल्प के तौर पर देखेगी। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस देशहित और समाज के विपरीत कार्य कर रही है उचित नहीं है।
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आज हम 21 वीं सदी में जी रहे हैं आज का युवा सफल सुद्रण और मजबूत नेतृत्व चाहता है लेकिन कांग्रेस आज के समय मे विरोध की राजनीति कर रही है जो कांग्रेस के भविष्य के लिए बेहतर नहीं है। मैने 2019 में कांग्रेस जॉइन की थी और 3 साल में मैंने पाया कि यह महज विरोध कर रही है बल्कि आज देश के लोग एक ऐसा विकल्प ढूंढ रहे हैं जो उनके भविष्य के लिए सोचते हो और देश को आगे ले जाने का बल रखता हो।
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उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने हर उस मुद्दे का विरोध किया जो उसे कई कदम पीछे ले गया। राम मंदिर से लेकर CAA, धारा 370 हर मुद्दे पर कांग्रेस विरोध के तौर पर खड़ी रही जिसके चलते जनता के मध्य उसकी छवि बिगड़ी है। कांग्रेस की नीति देश का हित गुजरात का हित या मेरे पटेल समाज का हित नहीं रही अपितु केंद्र सरकार का विरोध रहा है। शायद उसको इसीलिए हर राज्य की जनता ने रिजेक्ट किया है क्योंकि उसने विरोध से उठाकर हितकारी राजनीति पर अपना ध्यान केंदित नहीं किया है।

