इन्हें महिला सुनील गावस्कर भी कहा जाता है और वीमेन सचिन तेंदुलकर भी, जी हाँ बात भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे कामयाब बल्लेबाज़ मिताली राज की हो रही है. मिताली ने आज भारतीय क्रिकेट फैंस को बड़ा झटका देते हुए क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है. अब वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी आयोजन में मैदान पर बल्ला घुमाते हुए नज़र नहीं आएँगी।
अपने रिटायरमेंट की जानकारी मिताली ने खुद सोशल मीडिया पर एक भावुक पत्र लिखकर दी है. पानी इस पोस्ट में उन्होंने कहा है कि वो अब एक नई पारी शुरू करने जा रही हैं. मितली के इस पत्र के जवाब में BCCI और उनके सचिव जय शाह मितली को उनकी सेवाओं के लिए शुक्रिया अदा किया है और उनको धन्यवाद भी कहा है.
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मिताली के अगर क्रिकेट जीवन पर नज़र डालेंगे तो अनगिनत कीर्तिमानों से भरा हुआ नज़र आएगा. मिताली के नाम वनडे क्रिकेट के सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. मिताली ने भारत के लिए 232 वनडे मैच खेलते हुए 50.68 की औसत से 7805 रन बनाए हैं. मिताली का क्रिकेट डेब्यू जून 1999 को आयरलैंड के खिलाफ एक वनडे मैच से हुआ था.
मिताली की कप्तानी में 2017 के आईसीसी महिला वर्ल्ड कप में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी. उनकी कप्तानी में भारत साल 2005 के महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंचा जिसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीत हुई थी. 39 वर्षीय मिताली ने भारत के लिए 12 टेस्ट, 232 वनडे और 89 टी20 मैच खेले हैं. उन्होंने टेस्ट में 699 रन, वनडे में 7805 रन और टी 20 में 2364 रन बनाये हैं. उनकी शुमार क्रिकेट की दुनिया की महानतम महिला क्रिकेटरों में होती है.

