ऋषिकेश। अंकिता हत्याकांड को लेकर अब शासन ने पटवारी वैभव प्रताप को सस्पेंड कर दिया गया है। ये वहीं पटवारी वैभव प्रताप है जो भाजपा नेता पुलकित के रिसाॅर्ट में अय्याशी करने जाता था और वहां पर कई-कई दिन लड़कियों के साथ मस्ती करता था। आज पटवारी वैभव प्रताप को सस्पेंड करने के आदेश डीएम पौड़ी ने जारी कर दिए हैं। बताया जाता है कि 19 सितंबर को अंकिता के पिता ने फोन पर बेटी की गुमशुदगी की सूचना वैभव प्रताप को दी। लेकिन वैभव ने गुमशुदगी की खबर लगने के बाद चार दिन की छुट्टी पर चला गया। छुट्टी पर जाने से पहले वैभव ने पटवारी विवेक कुमार को चार्ज दे दिया था। वैभव ने छुट्टी पर जाने के बाद से अपना फोन भी बंद कर लिया था। प्रशासन उससे संपर्क नहीं कर पा रहा था। यह क्षेत्र राजस्व पुलिस के अंतर्गत है। इसलिए पहले सूचना पटवारी वैभव प्रताप को दी गई। बाद में दूसरे पटवारी ने शिकायत लिखी थी। चार दिन बाद जब केस स्थानीय पुलिस को हस्तांतरित हुआ तब पूरा मामला खुलकर सामने आया।
जांच में सामने आया कि पटवारी वैभव और भाजपा नेता का अय्याश बेटा पुलकित आर्य के बीच गहरी दोस्ती थी। वैभव का वनंत्रा रिजॉर्ट में खूब आना जाना था। करीब एक महीने पहले पटवारी वैभव प्रताप का कांडाखाल स्थानांतरण हुआ था। तहसीलदार मनजीत सिंह गिल ने बताया कि आपदा काल को देखकर पटवारी वैभव को मौखिक आदेश पर रोका था। बताया जा रहा है कि वैभव अंकिता के पिता से ढंग से पेश नहीं आया था। मामले के शुरूआती दौर से ही पटवारी की भूमिका संदिग्ध रही है। लोग लगातार सरकार से पटवारी को हटाए जाने और इस पूरे मामले में पटवारी को लेकर जांच करने की मांग कर रहे थे। डीएम डॉ. विजय जोगदंडे ने वनंत्रा रिजॉर्ट वैधता की जांच एडीएम पौड़ी को सौंपी है। वहीं, जांच कमेट बनाई गई है। वन व राजस्व विभाग के कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं। साथ ही डीएम ने 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है। रिजॉर्ट पर कार्रवाई के संबंध में डीएम ने कहा कि करवाई तहसील स्तर पर हुई है। बाद में इसकी सूचना मिली। पुलिस ने उन्हें बताया कि कोई साक्ष्य प्रभावित नहीं हुआ है। सभी जरूरी साक्ष्यों का संकलन कर लिया गया था।

