लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री और राहुल गांधी के एक समय बेहद करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इस ‘संभावित बदलाव’ के पहले जितिन की केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ मुलाकात हुई है. 47 वर्षीय जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जाने वाले राहुल गांधी के दूसरे सबसे करीबी नेता होंगे. ज्योतिरादित्य ने पिछले साल बीजेपी ज्वॉइन की थी. वर्ष 2019 में जितिन ने इन अफवाहों का खंडन किया था कि वे कांग्रेस छोड़ रहे हैं.
सिर्फ भाजपा ही राष्ट्रीय दल
जितिन प्रसाद को बीजेपी में शामिल कराने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूपी की राजनीति में जितिन प्रसाद की भूमिका अहम होने वाली है. वहीं, जितिन प्रसाद ने कहा कि मैंने 7-8 साल में अनुभव किया कि असल मायने में कोई संस्थागत राजनीतिक दल है, वो भारतीय जनता पार्टी है, बाकी दल तो व्यक्ति विशेष और क्षेत्र के हो गए हैं.
सबसे उपयुक्त नेता पीएम मोदी
जितिन प्रसाद ने कहा कि जिस चुनौतियों और परिस्थितियों का देश इन दिनों सामना कर रहा है, उससे निपटने के लिए अगर कोई उपयुक्त दल है तो वह है भाजपा और कोई उपयुक्त नेता है तो वह हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस में मैं अपने लोगों की सेवा नहीं कर पा रहा था, मुझे उम्मीद है कि बीजेपी के माध्यम से मैं लोगों की सेवा कर सकूंगा.
लम्बे समय से कांग्रेस से चल रहे थे नाराज़
कांग्रेस से 20 साल से जुड़े जितिन की नाराजगी किसी से छुपी नहीं है. वे उस “G-23” या कांग्रेस के उन 23 नेताओं के समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने पार्टी में व्यापक सुधार की जरूरत बताते हुए सोनिया गांधी को पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने पार्टी में पूर्णकालिक नेतृत्व की आवाज बुलंद की थी.वैसे, इस लेटर के बाद भी जितिन उन नेताओं में थे जिन्हें ‘असंतोष’ जताने के बावजूद पार्टी में कोई भूमिका दी गई थी. उन्हें पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रचार अभियान से जोड़ा गया था लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था.जितिन ने बंगाल चुनाव में उनकी पार्टी की ओर से इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ किए गए गठबंधन की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की थी.
Read also: Covid-19: लगातार दूसरे दिन एक लाख से कम केस
पिता भी कर चुके हैं बग़ावत
जितिन ने ट्वीट किया था, ‘गठबंधन के निर्णय पार्टी और कार्यकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं. अब समय है कि सभी हाथ मिलाएं और चुनावी राज्यों में कांग्रेस की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करें.’ यूपी की धौराहरा सीट से पूर्व सांसद रहे जितिन प्रसाद राज्य में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं. जितिन के पिता जितेंद्र प्रसाद ने भी वर्ष 1999 में पार्टी में सोनिया गांधी के नेतृत्व को चुनौती दी थी और उनके खिलाफ पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था.

