नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत विपक्षी सांसदों के हंगामे से हुई थी जो अब भी जारी है, लेकिन जैसे-जैसे सत्र की समाप्ति का वक्त नजदीक आता जा रहा है स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्यसभा में गुरुवार को फिर विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया साथ ही सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कशमकश मे मार्शलों के साथ हाथापाई भी की। इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिला सांसद भी पीछे नहीं दिखी। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा सहायकों ने राज्यसभा सचिवालय के सुरक्षा सेवा के निदेशक को पत्र लिख कर चंद विपक्षी सांसदों पर दुर्व्यवहार और अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं।
जीआर-1 राकेश नेगी सुरक्षा सहायक ने राज्यसभा सचिवालय में संसद की सुरक्षा सेवा के निदेशक को जो पत्र लिखा है उसमे कहा है कि 11 अगस्त 2021 को मुझे राज्यसभा चैंबर के भीतर मार्शल ड्यूटी करने के बारे में information दी गई थी। सांसद अनिल देसाई व् एलामारन करीम ने मार्शलों द्वारा बनाया गया सुरक्षा घेरा तोड़ने की पुरजोर कोशिश की। उन्होंने आगे लिखा है कि इसी दौरान करीम ने मुझे सुरक्षा घेरे से बाहर निकालना चाहा और मेरा गला पकड़ लिया, जिसकी वजह से मेरा दम घुटने लगा और सांस लेने में भी काफी तकलीफ हुई।
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जीआर-2 में अक्षिता भट्ट सुरक्षा सहायक ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदर्शन कर रहे पुरुष सांसद मेरी ओर तेजी से झपटे और सुरक्षा घेरे को तोड़ने का प्रयास करने लगे। मैंने इसका विरोध करना शुरू किया तो सांसद फूलो देवी नेतम और छाया वर्मा आगे आईं और पुरुष सांसदों के लिए सुरक्षा घेरा तोड़ने की जगह बनाई। अक्षिता भट्ट ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि दोनों महिला सांसदों ने मुझे शारीरिक रूप से और जबरदस्ती मेरी बांह पकड़कर मुझे घसीटा।
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आपको बता दें कि सांसद एलामारन करीम कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के हैं। जबकि छाया वर्मा व फूलन देवी नेतम कांग्रेस पार्टी और अनिल देसाई शिवसेना से सांसद हैं। इस शर्मनाक घटना को लेकर सभापति एम वेंकैया नायडू व् लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक बैठक की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही |

