नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। पहली और दूसरी लहर ने जिस तरह से देश में तबाही मचाई उससे सरकार और चिकित्सा जगत को काफी सीख मिली और अनुभव भी। जिससे कोरोना संक्रमण की आने वाली लहरों से निपटने में काफी मदद मिलेगी। हालांकि अभी कोरोना की चौथी लहर के लिए फिर से संभावना व्यक्त की गई है। कोरोना की चौथी लहर जून में दस्तक देगी। ऐसा चिकित्सकों का मानना है। ये चौथी लहर दूसरी लहर की तरह ही हो सकती है।
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हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि हालांकि इसमें चिंता की बात नहीं है। लेकिन इस बीच एम्स दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर की माने तो देश में कोरोना की चौथी लहर जल्द ही दस्तक देगी। इस समय देश और उप्र से कोरोना संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कुछ दिनों से इसके मामलों में तेजी से बढ़ोतरी आई और अब इनमें गिरावट शुरू हो चुकी है। हालांकि अब कुछ राज्यों में प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें महाराष्ट्र प्रमुख है।
ऐसे में आशंकाएं फिर बढ़ने लगी हैं कि क्या जून के अंत तक कोरोना की चौथी लहर दस्तक देगी। इस बीच कोरोना की चौथी लहर को लेकर एम्स के पूर्व डायरेक्टर ने कहा है कि आगामी जून में यह संभव है। देश में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या इस समय 20 हजार के आसपास है। जबकि पिछले 24 घंटे में 2420 नए कोरोना संक्रमित सामने आए हैं। रोजाना अब संक्रमण के मामले घटने से सक्रिय केसों की संख्या में कमी आने से राहत मिली है। यही वजह है कि अब उम्मीद जताई जा रही है कि चौथी लहर जून में आ सकती है। हालांकि इसको लेकर पुख्त तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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इस समय नॉर्थ कोरिया सहित चीन आदि में कोरोना आउटब्रेक होने और मरीजों में संक्रमण फैलना चिंताजनक है। इतना ही नहीं कुछ दिन पहले भी भारत के चिकित्सकों ने जून के लगभग आखिर में कोरोना की चौथी लहर की आशंका जताई थी।
दिल्ली स्थित एम्स के पूर्व निदेशक डॉ.एमसी मिश्र का कहना है कि देश में कोरोना के खिलाफ लोगों के पास दो तरह की इम्यूनिटी है। पहली संक्रमण के बाद विकसित हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता और दूसरी कोरोना वैक्सीन से मिली इम्यूनिटी। इस लिहाज से अब लोगों के पास कोरोना संक्रमण से लड़ने की दोगुनी ताकत है।

