मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास चार अधिकारी ऐसे हैं जिनकी मदद से प्रधानमंत्री मोदी देश चलाते हैं। इन चारों आधिकारियों में अलग-अलग योग्यताएं हैं। कहते हैं प्रधानमंत्री कभी-कभी अपने इन अधिकारियों से भाजपा के अंदरूनी मसलों में भी सलाह लेते हैं। ये चारों अधिकारी ऐसे हैं जो प्रधानमंत्री के सामने खुलकर बोल सकने की हिम्मत रखते हैं। कहते हैं इन चारों अधिकारी के अलावा और किसी की हिम्मत प्रधानमंत्री मोदी के सामने खुलकर बोलने या सलाह देने की नहीं है।
तूफान को चीरने की ताकत और दुश्मन का दिमाग तक पढ़ सकते हैं ये अधिकारी :-
इन चारों अधिकारियों में अलग-अलग योग्यताए हैं। इनको इनकी योग्यता के हिसाब से ही प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने काम सौंप रखे हैं। इनमें से एक ऐसा है जो तूफानों को चीर सकता है। दूसरा अधिकारी ऐसा है जो दुश्मन के दिमाग को पढ़ सकता है। जबकि तीसरे अधिकारी ऐसे हैं जिनसे चीन और पाकिस्तान भी परेशान रहते हैं।
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दुनिया के सबसे बेस्ट अधिकारियों की टीम मोदी के पास :-
कहते हैं दुनिया के सबसे बेस्ट अधिकारियों की टीम मोदी के पास हैं। पीएम दिन रात काम करते हैं। देश चलाना होता है। एक एक फाइल पढ़ना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में वो सलाह लेते हैं दुनिया के सबसे तेज तर्रार अधिकारियों से। वैसे तो वो अधिकारी भारत के ही है। लेकिन इन चारों अधिकारियों की एक-एक सलाह दशा और दिशा बदलने वाली होती है।
ये हैं वो पीएम मोदी के तेज तर्रार अधिकारी :-
सबसे पहले नंबर पर नाम आता है प्रधानमंत्री के सलाहकार सचिव का। जिनका नाम है पीके मिश्रा। पीके मिश्रा 1972 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी है। इन्होंने 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव का पद संभाला था। इनको आपदा, कृषि, उर्जा, इंफ्रास्टक्चर के फील्ड में महारथ हासिल है। आपदा प्रबंधन में उनके बेहतरीन काम के लिए उनको यूनाइटेड नेशन से भी सम्मानित किया जा चुका है। पीके मिश्रा के काम करने से स्टाइल से प्रधानमंत्री मोदी उस समय से मुरीद हैं जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। यहीं कारण है कि दिल्ली में जैसे ही नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली पीके मिश्रा को अपना प्रमुख सचिव बना लिया। 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनको अपना सलाहकार बना लिया।
इस अधिकारी की सलाह पर ही तय होती विदेश नीति :
इनके बाद दूसरा नाम आता है अजीत डोभाल का। अजीत डोभाल के बारे में जितना बताया जाता है वो बहुत ही कम है। अजीत डोभाल 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। ये केरल कैडर से आईपीएस अधिकारी हैं। 2005 में आईबी चीफ के पद से रिटायर हुए डोभाल पिछले आठ साल से प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार हैं। 30 मई 2014 को उनकी नियुक्ति देश के सुरक्षा सलाहकार के पद पर हुई। प्रधानमंत्री के हर विदेश दौरे,उन्हें इंडिया का जेम्स बांड भी कहा जाता है। कोई भी बड़ा मिलेट्री आपरेशन बिना डोभाल के नहीं हो सकता। भारत की विदेश नीति में भी इस अधिकारी का बड़ा योगदान होता है।
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वो दमदार अधिकारी जिसने खोला था चारा घोटाला :-
पीएम मोदी को सलाह देने वाले तीसरे अधिकारी का नाम है अमित खरे। जो कि 1965 बैच के झारखंड कैडर अधिकारी हैं। बिहार के चारा घोटाले को खोलने वाले दमदार और धाकड़ अधिकारी अमित खरे ने झारखंड के चाईबासा जिले में 1990 में जिलाधिकारी होते हुए चारा घोटाले को खोला था। अमित खरे की लिखाई एफआईआर से ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्र जैसे दिग्गज नेता कानून के चंगुल में फंस गए। मोदी अमित खरे के काम से अधिक प्रभावित हैं।
इस अधिकारी की सलाह पर लेते हैं मोदी कानूनी फैसले :
तरूण कपूर 1985 बैच के अधिकारी है। तरूण कपूर शिमला के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि तरूण कपूर मोदी को कानूनी फैसले लेने में अहम मदद करते हैं। तरूण देश के सभी राज्यों पर होने वाले घटनाक्रमों पर नजर रखते हैं और उसके राजनैतिक और सामाजिक स्तर पर पड़ने वाले असर के बारे में प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी और सलाह देते हैं। इतना ही नहीं इस अधिकारी के बिना पढ़े कोई भी फाइल पीएम मोदी साइन नहीं करते। अगर फाइल पर तरूण कपूर के साइन हैं तो प्रधानमंत्री उस पर आंख बंदकर साइन कर देते हैं। अगर तरूण कपूर के साइन नहीं हैं तो वो फाइल को साइड में रख देते हैं।

