Delhi’s Rioters Welcome Like A Hero: अजीब देश हो गया है भारत, जहाँ दंगाइयों का हीरो की तरह स्वागत होने लगा है दिल्ली दंगों से मशहूर हुए शाहरुख़ पठान को अपने बीमार बाप को देखने के लिए चार घंटे की पैरोल मिली तो जेल से बाहर आने के बाद इलाके में पहुँचने पर उसका किसी हीरो की तरह भीड़ ने स्वागत किया, नारे लगाए, हाथ मिलाये। शाहरुख़ पठान के इस स्वागत के कई वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। पठान को 23 मई को परोल मिली थी और वीडियो भी उसी दिन के बताये जा रहे हैं।
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दिल्ली में दंगों के दौरान एक फोटो बहुत वायरल हुई थी जिसमें एक नौजवान बड़े बेख़ौफ़ अंदाज़ में एक पुलिस कर्मी पर बन्दूक ताने हुए नज़र आया था बाद में इसकी पहचान शाहरुख़ पठान के रूप में हुई थी। दंगों के कई हफ़्तों बाद इस दंगाई को पुलिस ने शामली में उसके रिश्तेदार के घर से दबोचा था।
वायरल वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि पुलिस की सुरक्षा में शाहरुख़ पठान की वाह वाही करने और नारेबाजी करने वालों की तादाद काफी है जिसमें नौजवान और बच्चे ज़्यादा ही उत्साहित नज़र आ रहे हैं, इन्हें पुलिस की मौजूदगी का भी कोई खौफ नहीं है। शाहरुख़ पठान उन्हें अपनी क़ौम का हीरो नज़र आ रहा है।
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सवाल यही है कि इस तरह की मानसिकता दोनों ही समुदाय में क्यों बढ़ती जा रही है जहाँ दंगाई उन्हें हीरो नज़र आते हैं। वह यह भूल जाते हैं कि इन दंगाइयों की वजह से बेक़सूर लोगों की जानें जाती हैं, यहाँ पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है कि क्यों उसे सड़क पर पैदल लेकर चल रही है, वह चुपचाप भी इस दंगाई को उसके बाप से मिलाने के लिए भी ले सकती थी। वीडियो को देखकर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि कोई और सिरफिरा जोश में आकर कोई ऐसी हरकत कर सकता था जो पुलिस के लिए भारी पड़ सकती थी।

