नई दिल्ली। देश के 48वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना आज 26 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। इनके बाद जस्टिस उदय उमेश ललित भारत को 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कल 27 अगस्त को पदभार ग्रहण करवाया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना ने ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लिए जस्टिस यूयू ललित के नाम को सिफारिश के लिए भेजा था। जिसके बाद केंद्र सरकार की भी इस नाम पर मुहर लगा चुकी। जानकारी के मुताबिक एनवी रमना ने वरिष्ठता के हिसाब से जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश की थी। भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस उदय उमेश ललित क्रिमिनल लॉ स्पेशलिस्ट हैं। जिन्होंने जून 1983 से वकालत शुरु की थी। हालांकि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के रूप में जस्टिस उदय उमेश ललित का कार्यकाल मात्र तीन महीने का होगा। क्योंकि वह इसी साल आने वाले आठ नवंबर को रिटायर हो जाएंगे।
गुरुवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने एक केस की सुनवाई करते हुए कहा कि रिटायर होने वाले और रिटायर हो चुके व्यक्ति की देश में कोई वैल्यू नहीं है। केस के मामले में अधिवक्ता नीरज किशन कौल को आराम से बहस करने को बोलते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के अधिवक्ता कोर्ट में अधिक चिल्लाते हैं। जबकि दक्षिण भारत के शांत रहते हैं। एक अनुबंध विवाद पर बहस कर रहे वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और नीरज किशन कौल आपस में भिड़ गए। जब अभिषेक मनु सिंघवी अपनी बात कोर्ट के सामने रख रहे थे तो नीरज किशन कौल ने उस पर हस्तक्षेप किया था। इसके बाद जब सिंघवी नहीं रूके तो किशन कौल ने उन्हें रोकने के लिए अवाज तेज कर ली। जिसके बाद चीफ जस्टिस एनवी रमना ने अदालत में यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की टिप्पणी पर अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने माफी मांगी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने कहा कि अधिक तेज बोलने से आपकी सेहत पर असर पड़ सकता है। अपना ध्यान रखिए। इसके साथ उन्होंने कहा कि वह अभी बहुत कुछ कहना चाहते हैं। लेकिन अपने कार्यकाल के अंतिम दिन कहेंगे।

