Gujarat Chunavi Dangal : जहां एक ओर इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को है। वही 18 मई को गुजरात की सियासत में बड़ी हलचल देंखने को मिली और कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। हार्दिक पटेल गुजरात कांग्रेस में पाटीदार समाज के बड़े नेता थे। वही जब हार्दिक कांग्रेस से अलग हुए तो इन्होंने पार्टी के खिलाफ अनेकों बयान दिए जिनका जवाब देते हुए कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने दावा किया कि पाटीदार नेता को डर था की उन्हें कही उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह के मामले में जेल न हो जाए जिसके चलते उन्होंने अपनी आइडियोलॉजी से समझौता किया है और अब उन्हें किसी की शरण की आवश्यकता महसूस हुई है। तो आइये जानते हैं हार्दिक पर दर्ज मामलों के बारे में और उनसे कितना प्रभावित होगा इनका राजनीति करियर….
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जाने हार्दिक के खिलाफ दर्ज हैं कितने मुकदमे:-
अगर हम हार्दिक पटेल पर दर्ज मुकदमों की बात करें तो वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2018 तक हार्दिक पटेल पर 30 मुकदमे दर्ज हुए। इन 30 मुकदमों में से 7 मुकदमे हार्दिक के ऊपर तब दर्ज हुए थे जब यह 2015 में पाटीदार समाज के लिए सरकार नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहे थे। इन मामलों में हार्दिक पटेल के ऊपर दंगा देशद्रोह और हिंसा भड़काने जैसे मामले दर्ज हुए थे। लेकिन बाद में हार्दिक पर दर्ज केसों की संख्या 23 हो गई थी । हार्दिक पटेल के ऊपर ज्यादातर मामले धारा 144 का उल्लंघन करने और गैर कानूनी प्रक्रिया के तहत सभाएं करने के संदर्भ में दर्ज हुए हैं।
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जब कोर्ट में राहत की मांग करते हुए हार्दिक ने ली थी शपथ:-
हार्दिक पटेल ने 2016 में गुजरात उच्च न्यायालय के सामने अपने ऊपर दर्ज मामलों में राहत की मांग करते हुए, शपथ ली थी की वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी गतिविधि का हिस्सा नहीं होंगे। वही वह बिना किसी आपराधिक गतिविधियों के पाटीदार समुदाय की परेशानियों को उठाते रहेंगे व उसके निवारण के लिए सरकार का विरोध करना जारी रखेंगे। इसके साथ ही कानून के विरोध में काम नहीं करेंगे व जनता को उकसाने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे। लेकिन 2015 के पाटीदार आंदोलन से उपजी बाद की रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप 2016, 2017 और 2018 में हार्दिक के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज हुईं। वही वर्तमान समय मे हार्दिक पटेल पर कम से कम 11 मामले दर्ज है इनमें से कम से कम दो मामले देशद्रोह के है।

