हिमाचल की पब्बर वैली भारत के खूबसूरत डेस्टिनेशन्स में से एक है। चारों तरफ पहाड़, घने जंगल की हरियाली, बर्फ से ढकी हुई चोटियों पर पड़ती सूरज की किरणें बहुत शानदार लगती हैं। यहां के प्राकृतिक नजारे तो मन को मोह ही लेते हैं। साथ ही रोमांच के शौकीनों के लिए यह जगह बेस्ट है। यहां पर बहती हुई नदियों के पानी की आवाज मन को एक अलग ही सुकून देती है। यहां पर पहाड़ों की ऊंचाई से गिरते झरने आपको एक अलग ही अहसास कराते हैं। तो चलिए जानते हैं इस खूबसूरत जगह के बारे में…

कुदरत की गोद में बसी पब्बर वैली भाग-दौड़ की जिंदगी से दूर सुकून और शांति के लिए एक बहुत बेहतरीन जगह है। यहां पर आपको विशाल देवदार के वृक्ष देखने को मिलेंगे। जो लोग कुछ हटके अलग जगह पर जाना चाहते हैं, उन लोगों के लिए ये एक अच्छा विकल्प है। यहां पर आपको प्रकृति का हर रंग देखने को मिलेगा। यहां पर रिजर्व रिजर्व फॉरेस्टं और नेचर पार्क भी है, जो हर किसी का मन मोह लेते हैं।
पब्बर वैली के प्राकृतिक नजारे तो हैरान कर देने वाले हैं ही, साथ ही यहां के ट्रेक्स भी रोमांच के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां पर जंगलिक, रुपिनस खारापत्थर और गडसरी ट्रैक पर आप रोमांच से भरे सफर का मजा ले सकते हैं। यहां के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ से ढकी चोटियां हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं।
पब्बर घाटी के ट्रैक की शुरुआत खड़ा पत्थर से होती है, यहां की चढ़ाई ज्यादा मुश्किल नहीं है। गिरीगंगा नदी का उद्गम यहां से लगभग छह किलोमीटर दूरी पर है। यहां तक जाने के लिए एक कच्ची सड़क है, जो चीड़ और देवदार के जंगलों से घिरी हुई है। इस रास्ते पर चलने का एक अपना अलग ही मजा है। नदी के उद्गम पर एक प्राचीन मंदिर भी है। इसके बाद लगभग डेढ़ घंटे की चढ़ाई करने पर कुप्पड़ बुग्याल पड़ता है। यहां से हिमालय की ऊचीं और दूर तक फैली चोटियों के नजारे अद्भुत लगते हैं।

