Guru Pushya Yoga: 30 जून को लग रहा गुरुपुष्यमृत योग में की गई ये पूजा बदल देगी किस्मत

धर्मGuru Pushya Yoga: 30 जून को लग रहा गुरुपुष्यमृत योग में की...

Date:

मेरठ। 30 जून 2022 गुरुवार को रात्रि 01:07 यानी एक जुलाई 01:07 से एक जुलाई सूर्योदय तक गुरुपुष्यमृत योग रहेगा। इस गुरुपुष्यमृत योग में की गई पूजा किस्मत के द्वार खोल देगी। इसके लिए 108 मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करेगा तो उस पर 27 नक्षत्र देवता खुश होकर आर्शिवाद देंगे। नक्षत्रों में मुख्य हैं पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु बृहस्पति देव। पुष्य नक्षत्र समृद्धि देने वाला योग माना जाता है। यह सम्पति बढ़ाने वाला है। उस दिन बृहस्पतिवार को पूजन करना चाहिये। बृहस्पतिवार को तो किसी ने देखा नहीं तो सद्गुरु को देखकर उनका पूजन करें और मन में ये मंत्र बोले।

Read also: घूमने के लिए और प्रकृति के नजारा देखने और सूर्योदय का इतना खूबसूरत नजारा

ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम :।…… ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम :। दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने के लिए बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें। इससे सोई किस्मत भी जाग जाएगी। 

Read also: धनिष्ठा नक्षत्र,परिध शिव सिद्धयोग में पड़ रही महाशिवरात्रि,धनप्राप्ति के लिए करें इस द्रव्य से अभिषेक

शिव पुराण में पुष्य नक्षत्र को शिव की विभूति बताया है। पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से अनिष्ट-से-अनिष्टकारी दोष खत्म होकर निष्फल-से हो जाते हैं। वे सभी के लिए पुष्य नक्षत्र के पूरक बनकर अनुकूल फलदायी होते हैं। सर्वसिद्धिकर: पुष्य:, इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है।  पुष्य नक्षत्र में किए श्राद्ध से पितरों को अक्षय तृप्ति होती है। इसके बाद कर्ता को धन, पुत्रादि की प्राप्ति होती है। इस योग में किया गया ध्यान,जप,दान, पुण्य महाफलदायी माना गया है। लेकिन पुष्य में विवाह और उससे संबधित मांगलिक कार्य वर्जित हैं।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related