लाइफस्टाइल डेस्क: संतुलित आहार लेने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है और इन पोषक तत्वों में एक विटामिन-एफ है। ये ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखता है, हृदय रोग का खतरा कम करता है और तनाव से मुक्ति दिलाता है | अगर इसकी कमी हो तो ये शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विटामिन-एफ की कमी दूर करने के लिए डाइट में फैटी एसिड चीजों को शामिल करना चाहिए।
विटामिन-एफ क्या है
विटामिन-एफ फैटी एसिड का संयुक्त मिश्रण है। यह लिनोलेनिक एसिड और लिनोलिक एसिड से मिलकर बना हुआ है | शरीर में जब फैटी एसिड की कमी होती है तो विटामिन-एफ की कमी कहा जाता है। लिनोलेनिक एसिड और लिनोलेनिक एसिड शरीर के लिए बहुत जरुरी है इसीलिए रोजाना निर्धारित मात्रा में फैटी-एसिड युक्त चीजों का सेवन करें।
फैटी फिश यानी तैलीय मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो की बेहद फायदेमंद होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेटिव, एंटी-कार्सिनोजेनिक के गुण भी होते है, जो मस्तिष्क को सभी प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं।
अलसी में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है , ये आंखों की रेटिना को स्वस्थ रखने के लिए कारगर तत्व है। अलसी दिल और ब्लड शुगर लेवल के लिए फायदेमंद होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते है , जिससे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के प्रभाव कम होता है।
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कद्दू के बीज में एंटीऑक्सिडेंट्स, जिंक, मैग्नीशियम और फैटी एसिड होता है जो डायबिटीज, दिल की बीमारियों, मोटापे, बालों की परेशानियों और अनिद्रा में दवा की तरह काम करते हैं। कद्दू के बीज का सेवन करे आपके शरीर में विटामिन-एफ की कमी दूर हो जाएगी |

