लखनऊ। प्रदेश में उम्मीद से कम बारिश होने पर सरकार की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश में सूखे की आहट को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज गुरुवार शाम को लखनऊ में समीक्षा के लिए एक बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्य सचिव, राहत आयुक्त, कृषि उत्पादन आयुक्त समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार योगी आज शाम 6.30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर बैठक करेंगे। प्रदेश में धान और अन्य खरीफ फसल की खेती का कुल क्षेत्रफल 95 से 96 लाख हेक्टेयर है। इसके विपरीत कृषि विभाग द्वारा लगभग छह लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई। कुल 60 लाख हेक्टेयर अकेले धान की खेती का समर्थन करता है।
विभाग के मुताबिक राज्य में इस वर्ष केवल 70 मिमी बारिश अब तक हुई है। जो पिछले वर्ष की तुलना में इसी अवधि के दौरान हुई बारिश की लगभग 62 प्रतिशत कम है। पिछले साल औसत 184 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इससे पहले उप्र के कृषिमंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा था कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति में किसानों की मदद करने में किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ेगी। शाही ने कहा कि विभाग ने जलशक्ति विभाग के साथ तुरंत समन्वय किया जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कृषि क्षेत्र की सिंचाई के लिए सरकारी नलकूप और नहरों को अपेक्षित तैयार किया है जिससे किसानों को कोई परेशानी ना हो।
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बता दें कि खरीफ फसलों में मुख्य फसल धान की रोपाई पिछड़ी है। बाजरा,ज्वार, अरहर, तिल, उड़द आदि की बुवाई प्रभावित हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल अगले एक सप्ताह और मॉनसून के मेहरबान होने के आसार नहीं हैं। हालांकि,पश्चिमी यूपी में हल्की बारिश हो सकती है। मॉनसून में बन रहे बादल उत्तरी क्षेत्र को छोड़कर निचले वायुमंडल से दक्षिण की ओर जा रहे हैं।

