लखनऊ। यूपी में साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति और दूसरे पिछड़े वर्गों को मिलीं नौकरियां चुनावी हथियार बन सकतीं हैं। योगी सरकार ( Yogi Government) अपनी तमाम उपलब्धियों को गिनाते हुए यह भी बताएगी कि बीते साढ़े चार बरसों में एससी और ओबीसी युवाओं को कितनी सरकारी नौकरियां ( Government Jobs) दी गईं। ध्यान रहे कि, राज्य में इन दोनों वर्गों का खासा वोट-बैंक है। इन कास्ट के वोटर्स ने जिनका साथ दिया उनका ही अब तक बेड़ा पार होता आया है।
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राज्य सरकार के अधीन आने वाले सभी डिपार्टमेंटल हेड को लेटर भेजकर उनके अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को दी गई सरकारी नौकरियों ( Government Jobs)के बावत में जानकारी तलब की गई है। डिपार्टमेंटल हेड से पूछा गया है कि समूह क, ख, ग व घ वर्ग में कितने यूथ को गवर्मेंटं जॉब दी गई हैं। यह ब्योरा एक तयशुदा प्रारूप पर मांगा गया है जिसमें उनकी जाति का ब्यौरा भी शामिल होगा।
सरकारी डिपार्टमेंट्स से यह भी पूछा गया है कि इसके अतिरिक्त उनके यहां इन वर्गों के कितने पद खाली हैं और इन पोस्ट्स को भरने की दिशा में क्या किया जा रहा है? विभिन्न स्तर पर इस बावत जानकारी जुटाने का मिशन शुरू हो गया है। दावा है कि स्टेट गवर्नमेंट अब तक सूबे में तमाम वर्गों के 4.15 लाख युवाओं को गवर्नमेंट जॉब दे चुकी है।
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इस बीच खबर है कि, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग शीघ्र ही 25 हजार पोस्ट्स के लिए भर्ती प्रक्रिया की शुरूआत करने जा रहा है। योगी सरकार अनइंप्लाइमेंट को दूर करने की पुरजोर कोशिश में है। ऐसे में इस चुनावी साल में लोगों के बीच अब बताने की कोशिश होगी कि, एससी और ओबीसी वर्ग के कितने लोगों को गवर्नमेट जॉब ( Government Jobs) में रखा गया है।

