बुलंदशहर। जिले की एक अदालत ने नाबालिक से दुष्कम करने के मामले में एक फैसला सुनाया है। अदालत ये फैसला घटना के 9 साल बाद सुनाया। इस फैसले की जहां पीड़ित परिवार ने सराहना की वहीं आरोपी और उसके परिजनों ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है। अपर जिला एवं सत्र पाक्सो तृतीय के जज गुलाम मुस्तफा ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आज दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सजा के अलावा आरोपी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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लोक अभियोजक विशेष धर्मेद्र राघव ने बताया कि वर्ष 2013 के मार्च महीने में नाबालिग छात्रा के पिता ने अपने ही पड़ोस में रहने वाले युवक ज्ञानी निवासी ग्राम गेंदामई थाना हसायन जिला हाथरस के खिलाफ बेटी के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाकर युवक ने दुष्कर्म किया है।
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इसके बाद पूरे 9 साल तक चले मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सभी पहलुओं और तथ्यों पर गौर कर दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के आज शनिवार को आरोपी ज्ञानी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी पर दस हजार का जुर्माना भी लगाया है।

