लखनऊ : पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) का रसूख भले ही जमींदोज हो चुका है, लेकिन उसकी मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। राजधानी के रिहायशी क्षेत्र में शत्रु संपत्ति पर कब्जा करने के बाद निर्माणकार्य कराने के मामले में बुरी तहर फंस चुके मुख्ताार अंसारी की अगली पेशी आठ अप्रैल को लखनऊ के एमपी/एमएलए कोर्ट में होगी। साल 2020 में लखनऊ प्रशासन ने मुख्तार अंसारी और उसके बेटों अब्बास और उमर के खिलाफ हजरतगंज थाने में फर्जी कागजातों से निष्क्रान्त संपत्ति पर कब्जा और अवैध निर्माण का मुकदमा दर्ज कराया था। केस के विवेचक ने कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल कर दी है। सोमवार को इसी मामले मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से कड़ी सिक्योरिटी में एसीजेएम तृतीय की कोर्ट में पेश किया गया था। 45 मिनट तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने मुकदमें की अगली सुनवाई आठ अप्रैल की रखी है।
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एम्बुलेंस से आया डॉन
दरअसल, बांदा जेल से माफिया मुख्तार अंसारी को एम्बुलेंस से आया गया था। सुनवाई के बाद उसे एंबुलेंस से फिर बांदा जेल रवाना कर दिया गया है। माफिया को कड़ी सुरक्षा में एसीजेएम थर्ड की कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि, मुख्तार की पेशी से पहले कोर्ट के आसपास सिविल ड्रेस में भारी पुलिस बल और पीएसी बटालियन को मुस्तैद किया गया था। इसके अलावा कोर्ट परिसर के बाहर वज्र वाहन के साथ पुलिस स्कोर्ट की टीम भी लगी थीं। मुख्तार के आने पर सभी गाड़ियों ने एम्बुलेंस को अपने घेरे में ले लिया था।
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गौरतलब है कि 7 अप्रैल 2021 को माफिया मुख्तार अंसारी को पंजाब की रूपनगर जेल से बांदा जेल में शिफ्ट किया गया था। सोमवार को पुलिस टीम वज्र वाहन व अन्य सुरक्षा वाहनों के साथ मुख्तार को बांदा से रायबरेली व फतेहपुर के रास्ते लखनऊ लेकर आई थी। बता दें कि इस मुकदमें मुख्तार के अलावा उसकी पत्नी अफशा तथा बेटे अब्बास अंसारी और उमर अंसारी नामजद हैं। यह तीनों अभी जमानत पर हैं। हालांकि इस मुकदमें की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो रास्ते में कई बार मुख्तार अंसारी की एम्बुलेंस जाम में भी फंसी और फतेहपुर में वज्र में खराबी आ गई। इस पर मुख्तार के बेटे ने अनहोनी की आशंका जताई है।

