आपसी मुकदमों से परेशान होकर बने वकील, फिर एक ने ले ली दूसरे की जान

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आपसी मुकदमों से परेशान होकर बने वकील, फिर एक ने ले ली दूसरे की जान

  • शाहजहांपुर में अधिवक्ता का हत्या भी वकील ही था
  • दोनों ने एक-दूसरे पर दर्ज करा रखे थे अनेक मुकदमे

शाहजहांपुर। एक मकान मालिक और किरायेदार में विवाद हुआ, मकान मालिक ने किरायेदार से मकान खाली कराया तो उसने मुकदमे दर्ज करा दिये। बदले में मकान मालिक भी पूर्व किरायेदार पर मुकदमे दर्ज कराता गया। देखते ही देखते इतने मुकदमे हो गये कि वकीलों को देने के लिये पैसा ही नहीं बचा। आखिरकार मकान मालिक और पूर्व किरायेदार, दोनों ही पढ़ाई कर वकील बन गये और अपने मुकदमों की पैरवी खुद ही करने लगे। उन्होंने पैसा तो बचा लिया लेकिन विवाद इतना बढ़ा की इसकी कीमत पूर्व किरायेदार को जान देकर चुकानी पड़ी।

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यह कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि हकीकत है जो शाहजहांपुर कोर्ट में अधिवक्ता की हत्या का कारण बना। सोमवार को शाहजहांपुर कचहरी परिसर में अधिवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी वकील सुरेश गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो यह सनसनीखेज खुलासा हुआ।

सुरेश गुप्ता ने बताया कि वह स्टेट बैंक में नौकरी करते थे और उस समय टीचर की नौकरी कर रहे भूपेन्द्र गुप्ता सन 2000 तक उनके मकान में किरायेदार थे। दोनों में विवाद हुआ तो सुरेश गुप्ता ने पुलिस की मदद से मकान खाली करा लिया। इसके बाद भूपेन्द्र गुप्ता ने उनके ऊपर चोरी-डकैती, मर्डर आदि के मुकदमे दर्ज कराने शुरू किये जिनकी संख्या देखते ही देखते 24 हो गयी। भूपेन्द्र ने जगह-जगह पर मेरी शिकायत की हुई थी जिनसे मैं परेशान हो चुका था। सुरेश गुप्ता ने भी भूपेन्द्र गुप्ता पर अनेक मुकदमे दर्ज कराये थे।

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दोनोें की नौकरी से रिटायर हो गये और वकीलों को देने के लिये पैसे कम पड़ने लगे तो उन्होंने खुद वकालत करने की ठानी। 2019 में पहले सुरेश गुप्ता और सन 2020 में भूपेंद्र गुप्ता वकील बन गये और अपने मुकदमे खुद लड़ने शुरू कर दिये। लेकिन उनकी अदावत कोर्ट तक ही सीमित नहीं रही बल्कि वह आपस में हाथपाई तक करने लगे थे। सुरेश गुप्ता ने बताया परेशानी के कारण उनकी नींद और भूख तक मर चुकी थी और आत्महत्या करने के ख्याल उनके मन में आने लगे थे। ऐसे में उन्होंने यह किस्सा खत्म करने की ठानी और भूपेन्द्र गुप्ता की हत्या कर दी।

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